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02 November 2015

साइकिल के ‘हीरो’ मुंजाल नहीं रहे

साइकिल के ‘हीरो’ मुंजाल नहीं रहे

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, मुंजाल ने दक्षिण दिल्ली के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार आज किया जा रहा है। चंडीगढ़ से प्राप्त समाचार के अनुसार पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने मुंजाल के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुंजाल के परिवार में तीन बेटे और एक बेटी हैं। इसी साल शुरू में मुंजाल चार अरब डॉलर से अधिक के इस समूह से सक्रिय भूमिका से हट गए थे और अवकाशप्राप्त अध्यक्ष बन गए थे। वह गैर कार्यकारी सदस्य के रूप में कंपनी के बोर्ड में थे।

औपचारिक रूप से वर्ष 1956 में  अस्तित्व में आए हीरोग्रुप ने 1940 के दशक के प्रारंभ में ही चार भाइयों द्वारा साइकिल निर्माता के रूप में अपनी गतिविधियां प्रारंभ की थी। मुंजाल का जन्म 1923 में वर्तमान पाकिस्तान के कमालिया में हुआ था। भारत की आजादी के बाद मुंजाल बंधुओं ने लुधियाना में साइकिल उपकरण बनाने का छोटा सा कारोबार शुरू किया और बाद में देश में सबसे बड़े कारोबारी ग्रुपों में से एक बने। मुंजाल की अगुवाई में हीरो समूह कई मामलों में प्रथम रहा।

हीरो ग्रुप लगातार 14 वें साल दुनिया की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन कंपनी है। वर्ष 1986 से समूह की एक और कंपनी हीरो साइकिल साइकिलों की सर्वाधिक निर्माता कंपनी है।

TAGS: Hero Motocorp, BM Munjal, प्रकाश सिंह बादल, लुधियाना, कमालिया
OUTLOOK 02 November, 2015
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