Advertisement
05 November 2019

पीएमसी बैंक मामले में आठवें पीड़ित की मौत, परिवार वालों के पास नहीं थे इलाज के पैसे

Symbolic

पंजाब एंड महाराष्ट्र बैंक (पीएमसी) घोटाले के मद्देनजर खाताधारकों की दिक्कतें जारी है। इस बीच अब तक आठ खाताधारकों की मौत हो चुकी है। सोमवार देर रात हुई आठवीं मौत के बाद मृतक के परिवारवालों ने मौत का कारण कथित तौर पर इलाज का खर्च नहीं उठा पाना बताया है। मृतक के पोते क्रिस ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि 74 वर्षीय एंड्रयू लोबो का गुरुवार देर शाम ठाणे के पास काशेली में उनके घर पर निधन हो गया। एंड्रयू लोबो पीएमसी बैंक पर आरबीआई द्वारा नकदी निकासी की सीमा लगाए जाने के बाद से मारे जाने वाले आठवें खाताधारक हैं।

क्रिस ने बताया कि लोबो के बैंक खाते में 26 लाख से अधिक रुपये जमा थे। लोबो इस जमा राशि के ब्याज से अपना गुजारा करते थे। क्रिस ने कहा, 'दो महीने पहले उनके फेफड़े में संक्रमण हो गया जिसके लिए उन्हें नियमित दवाओं और डॉक्टरों के इलाज की जरूरत थी। उनका पैसा बैंक में अटका हुआ था जिसके कारण उनकी चिकित्सा जरुरतें पूरी नहीं हो पाई। बता दें कि पीएमसी बैंक को लेकर आरबीआई द्वारा दिए गए एक फैसले के बाद से लगातार एक के बाद एक खाताधारकों की मौत के मामले सामने आ रहे हैं। पहला मामला 23 सितंबर को आया था, जब एक जमाकर्ता ने आत्महत्या कर ली थी।

संकट में फंसे बैंक के हर खाताधारक के हित का ख्याल रखा जाएगा

Advertisement

बता दें इससे पहले पीएमसी संकट पर आरबीआई गवर्नर ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को आश्वासन दिया था कि संकट में फंसे बैंक के हर खाताधारक के हित का ख्याल रखा जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को गवर्नर से बातचीत के बाद यह खुलासा किया। वित्त मंत्री ने सोमवार को कहा था, "मैंने पीएमसी मसले पर आरबीआई गवर्नर से आज सुबह बात की है। आरबीआई गवर्नर ने मुझे भरोसा दिलाया है कि इस संकट को सुलझाने के दौरान वो पीएमसी के खाताधारकों के हित का ध्यान रखेंगे... मैंने आरबीआई गवर्नर से अपील की है कि क्या इस मामले में ज़ब्त की गई संपत्ति का इस्तेमाल बैंक के ग्राहकों को राहत देने के लिए जल्दी किया जा सकता है?"

जानें क्या है मामला?

पीएमसी बैंक यह पूरा मामला कथित 4,355 करोड़ रुपये के घोटाले का है। बैंक फिलहाल, आरबीआई द्वारा नियुक्त प्रशासक के तहत काम कर रहा है। बैंक के पूर्व प्रबंधकों की पुलिस की आर्थिक अपराध (ईओडब्ल्यू) शाखा जांच कर रही है।

गौरतलब है कि बैंक के कुछ अधिकारियों पर फर्जी तरीके से कर्ज बांटने के लिए निजी कंपनी एचडीआईएल के साथ साठगांठ करने का आरोप है। अब हजारों खाताधारक अपने पैसे निकाल पाने में असमर्थ हैं।

पीएमसी बैंक की 137 शाखाएं हैं और यह देश के टॉप-10 को-ऑपरेटिव बैंकों में से एक है। आरोप के मुताबिक पीएमसी बैंक के मैनेजमेंट ने अपने नॉन परफॉर्मिंग एसेट और लोन वितरण के बारे में आरबीआई को गलत जानकारी दी है। जिसके बाद आरबीआई ने बैंक पर कई तरह की पाबंदी लगा दी। अनियमितता के आरोप के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने पंजाब ऐंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (पीएमसी) के नियमित कारोबारी ट्रांजेक्शन सहित अधिकांश कारोबार पर पाबंदियां लगा दी है। यह पाबंदी छह महीने तक के लिए लगाई गई है।

पीएमसी बैंक के खाताधारक अब निकाल सकते हैं 40 हजार रुपये

आरबीआइ ने रकम निकासी की सीमा बढ़ाकर 40 हजार रुपये कर दी है। इससे पहले आरबीआइ ने 3 अक्‍टूबर को खाताधारकों को अपने खाते से कुल जमा राशि में से 25,000 रुपये निकालने की मंजूरी दी थी। यह कदम खाताधारकों के विरोध प्रदर्शन के बाद उठाया गया था। सबसे पहले आरबीआई ने निकासी की सीमा केवल 1000 रुपये तय की थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया था।

अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या एपल स्टोरसे
TAGS: PMC Bank crisis, 8th victim, 74-year-old, Thane man
OUTLOOK 05 November, 2019
Advertisement