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30 November 2016

जनधन खातों से एक महीने में दस हजार रुपये ही निकल सकेंगे

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केंद्रीय बैंक ने कहा है कि फिलहाल ये उपाय अस्थायी तौर पर किए गए हैं। अधिसूचना के अनुसार जिन जनधन खातों में अपने ग्राहक को जानो (केवाईसी) की शर्तों का अनुपालन किया गया है उनमें से हर महीने 10,000 रुपये तक और ऐसे जनधन खाते जिनमें सीमित अथवा केवाईसी अनुपालन नहीं है उन खातों से महीने में 5,000 रुपये ही निकल सकेंगे। इसमें कहा गया है कि हालांकि बैंकों के शाखा प्रबंधक मौजूदा तय सीमाओं के दायरे में रहते हुए मामले की गंभीरता की जांच पड़ताल करने के बाद ऐसे खातों से महीने में दस हजार रुपये की अतिरिक्त निकासी की भी अनुमति दे सकते हैं।

रिजर्व बैंक ने कहा है कि जहां तक जमा राशि के मामले में जनधन खातों के लिए 50,000 रुपये की सीमा है। केंद्र सरकार के 500 और 1,000 रुपये के नोटों को चलन से हटाने के फैसले के बाद जनधन खातों में अचानक पैसा जमा होने लगा। कई खातों में 49,000 रुपये तक जमा कराए गए। इस तरह की खबरें आई हैं कि कई लोगों, विशेषकर ग्रामीण इलाकों में जिन लोगों के खातों में नोटबंदी की घोषणा के दिन तक कोई राशि नहीं थी, उनमें अचानक पैसा आ गया।

सरकार को आशंका है कि कालाधन रखने वाले अपने अवैध धन को वैध बनाने के लिए किसानों और दूसरे लोगों के जनधन खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं। नोटबंदी के बाद पिछले केवल 14 दिन में ही जनधन खातों में 27,200 करोड़ रुपये की जमापूंजी आ गई। इन 25.68 करोड़ जनधन खातों में 23 नवंबर तक कुल जमा राशि 70,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करते हुए 72,834.72 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। नोटबंदी से पहले इन खातों में 45,636.61 करोड़ रुपये जमा थे। (एजेंसी)

TAGS: जनधन, नोटबंदी, र‌िजर्व बैंक, न‌िकासी
OUTLOOK 30 November, 2016
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