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21 December 2021

कौन है बिहार का कुख्यात डॉन पप्पू देव जिसके खिलाफ दर्ज हैं 150 से अधिक आपराधिक मामले, जानें इसके बारे में

बिहार के कोसी क्षेत्र के एक कथित गैंगस्टर पप्पू देव की रविवार को सहरसा के सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने कहा कि ये मौत हर्ट अटैक आने बाद हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सहरसा पुलिस ने एक बयान में कहा कि देव को एक मुड़भेड़ के बाद बाद रविवार को सारही गांव से गिरफ्तार किया गया। शनिवार को शाम में पप्पू देव और उसके साथी शहर के सराही मोहल्ले में एक जमीन पर कब्जा करने आए थे। सदर थाना को इसकी जानकारी मिली तो पुलिस वहां पहुंची और वहीं दोनों के बीच मुड़भेड़ हुई।

पुलिस ने कहा कि उन्होंने घटनास्थल से एक स्वचालित राइफल, तीन पिस्तौल, तीन देशी पिस्तौल और 47 जिंदा कारतूस के अलावा कई इस्तेमाल किए गए कारतूस बरामद किए हैं।

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बिहार के 'अंडरवर्ल्‍ड' में एक दशक तक पप्‍पू देव की तूती बोलती थी। पप्पू देव पर जबरन वसूली और हत्या सहित 150 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।

आइये जानते हैं पप्पू देव कौन हैं।

1. पप्पू देव का पूरा बचपन पूर्णिया में बीता है। वो स्थानीय बीबीएम हाई स्कूल में पढ़ाई किया था। पप्पू देव एक शिक्षित और समृद्ध परिवार से आता है। उसके पिता सरकार कर्मचारी थे जो पूर्णिया के बिजली विभाग में कार्यरत थे।

2. पढ़ाई के दौरान ही पप्पू स्कूल में और स्कूल के बाहर छोटी-मोटी घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उसकी छवि स्कूल में एक दबंग छात्र की थी।

3. खबरों की माने तो 90 के दशक में पूर्णिया क्षेत्र में जातीय-हिंसा चरम पर थी। इसी बीच पप्पू देव के गांव में उनके एक रिश्तेदार की हत्या कर दी गई।

4. इस हत्या के बाद पप्पू देव गांव आया और इस मौत का बदला लेने का प्रण लिया। 1994 में पप्पू देव ने प्रतिशोधित होकर कुंवर सिंह नामक व्यक्ति की हत्या कर दी। जिसके बाद क्षेत्र में दो जातों के बीच संघर्ष और बढ़ गयी और दोनों ओर से हत्या का दौर चलने लगा।

5. नब्बे का दशक आते-आते पप्पू देव के नाम की तूती पूरे पूर्णिया में बोलने लगी। उसका सम्पर्क बड़े-बड़े माफियाओं से हो गया। पप्पू देव बसेरा जातीय संघर्ष में बूटन सिंह का 'राइट हैंड' था। नेपाल के एक व्यवसायी तुलसी अग्रवाल के अपहरण से बाद से इसका खौफ पूरे क्षेत्र में बढ़ गया।

6. दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2002 में नेपाल में तुलसी अग्रवाल का अपहरण कर पप्पू ने फिरौती में पैसा वसूली भी की थी।

7. वर्ष 2003 में पप्पू देव को पचास लाख से अधिक के जाली नोट और हेरोइन के साथ नेपाल में गिरफ्तार कर लिया गया। जिसके बाद उसे 10 साल की सजा सुनाई गयी थी।

8. पप्पू देव का राजनीतिक कनेक्शन भी गहरा रहा है। उसका कई पार्टियों के साथ संबंध रहा है। पप्पू यादव की पत्नी पूनम देव लोजपा के टिकट पर बिहपुर से चुनाव भी लड़ चुकी हैं। पूनम ने 2015 में बतौर निर्दलीय महिषी विधानसभा से भी चुनाव लड़ा था।

9. जागरण के मुताबिक, पप्पू देव पर सहरसा में 150 से ज्यादा रंगदारी, अपहरण और हत्या के मामले दर्ज हैं।

10. मुजफ्फरपुर के सब रजिस्ट्रार सूर्यदेव नारायण सिंह का अपहरण और पारू व कटरा के सब रजिस्ट्रार की हत्या में भी पप्पू देव का नाम शामिल था।

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OUTLOOK 21 December, 2021
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