वायु प्रदूषण: केंद्र ने दिल्ली और चार राज्यों को मरीजों के लिए स्वास्थ्य तैयारियां तेज करने को कहा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली और उसके पड़ोसी राज्यों से कहा है कि आगामी त्योहारी सीजन में वायु गुणवत्ता के खराब होने की आशंका के मद्देनजर मरीजों की संख्या में वृद्धि होने के आसार हैं और ऐसी स्थिति से निपटने के लिए उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी तैयारियां करनी चाहिए।
स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक अतुल गोयल ने इस सप्ताह दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के स्वास्थ्य विभागों को लिखे पत्र में कहा कि वायु प्रदूषण न केवल गंभीर बीमारियों का कारण है, बल्कि श्वसन, हृदय और मस्तिष्क संबंधी पुरानी बीमारियों को भी बढ़ाता है।
गोयल ने कहा, "बच्चों, गर्भवती महिलाओं, वृद्धों, पहले से बीमारियों से पीड़ित लोगों और यातायात पुलिसकर्मी और नगर निकाय से जुड़े कर्मियों जैसे संवेदनशील वर्गों के लिए परिणाम गंभीर हो सकते हैं।" उन्होंने राज्यों से आवश्यक स्वास्थ्य देखभाल तैयारियों का आग्रह किया।
इसके लिए बिस्तरों की संख्या में वृद्धि, दवाओं और उपकरणों का भंडारण, स्वास्थ्य कार्यबल का क्षमता निर्माण और अधिक जागरूकता की आवश्यकता होगी।
गोयल ने कहा, "जैसा कि आप अवगत होंगे कि हाल के दिनों में वायु प्रदूषण एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन गया है, दिल्ली एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक पिछले कुछ दिनों में खराब से गंभीर स्तर तक पहुंच गया है। आगामी त्योहारी सीजन और सर्दियों की शुरुआत में यह और भी खराब हो सकता है।''
उन्होंने अपने पत्र में राज्य के स्वास्थ्य विभाग से अनुरोध किया कि प्रदूषण के कारण मरीजों की संख्या में वृद्धि होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि संभावित स्थिति के मद्देनजर राज्य विभिन्न जरूरी कदम उठाएं।