एनआरसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दावे के लिए दी 10 दस्तावेजों को मंजूरी
नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस रजिस्टर (एनआरसी) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सरकार की ओर 15 अतिरिक्त दस्तावेजों की सूची में दस को सत्यापन के लिए मंजूरी दे दी। कोर्ट ने कॉर्डिनेटर प्रतीक हजेला द्वारा सीलबंद कवर में दाखिल सुझाव और रिपोर्ट केंद्र सरकार को देने से इनकार कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बेशक केंद्र सरकार इस मामले में रुचि रखती हो लेकिन कोर्ट को चीजों को बैलेंस करना है। कोर्ट ने कहा कि सरकार ने जो 15 अतिरिक्त दस्तावेज की सूची दी है, उसमें से दस की दस्तावेजों को वेरीफिकेशन की इजाजत दी जा सकती है क्योंकि इन दस्तावेज का फर्जीवाडा करने की गुंजाइश कम है तथा फाइनल एनआरसी में नाम शामिल करने के दावे पेश करने की तारीख को फिलहाल टाल दिया है। स्टेट क्वार्डीनेटर प्रतीक हजेला ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल कर दावे पेश करने के साथ 15 अतिरिक्त दस्तावेज में से सिर्फ 10 को स्वीकार किए जाने का सुझाव दिया था। इस पर केंद्र सरकार और अन्य पक्षकारों से दो सप्ताह में जवाब मांगा गया है। मामले की अगली सुनवाई 19 सितंबर को होगी।
जवाब के बाद कोर्ट सुनाएगा आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केंद्र सरकार इस मामले में दो हफ्ते के भीतर अपना जवाब दाखिल करे। इसके बाद कोर्ट इसे लेकर अपना आदेश जारी करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने आपत्तियों को दर्ज करने की तारीख को फिर आगे बढ़ा दिया है तथा 19 सितंबर को कोर्ट तय करेगा कि आपत्तियों को कब से दर्ज कराया जाए।
फिर से हो दस फीसदी सर्वे
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि एनआरसी ड्राफ्ट में शामिल लोगों की फिर से जांच के लिए दस फीसदी लोगों का सैम्पल सर्वे होना चाहिए। कोर्ट ने सर्वे शुरू करने और उसके खत्म होने की समय सीमा पर राज्य संयोजक से रिपोर्ट मांगी थी। इसके अलावा कोर्ट ने फाइनल एनआरसी में शामिल होने के लिए दिये जाने वाले दावे और आपत्तियों में लीगेसी बदलने और अतिरिक्त दस्तावेज देने की छूट पर भी सवाल उठाते हुए रिपोर्ट तलब की थी।