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15 January 2020

भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर को मिली जमानत, सीएए विरोध प्रदर्शन में हुए थे गिरफ्तार

File Photo

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को दिल्ली की एक निचली अदालत से जमानत मिली गई है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि वह फरवरी 16 तक दिल्ली में कोई प्रदर्शन नहीं करेंगे। आजाद को 21 दिसंबर को दिल्ली पुलिस ने दरियागंज में सीएए विरोध प्रदर्शन को लेकर गिरफ्तार किया था। 20 दिसंबर को दिल्ली में जामा मस्जिद परिसर में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ भीड़ जुटी थी और शाम होते होते दरियागंज में हिंसा भड़क उठी थी। जामा मस्जिद वाली भीड़ के बीच पुलिस को चकमा देते हुए चंद्रशेखर भी पहुंचे थे।

मंगलवार को कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को लगाई थी फटकार

चंद्रशेखर आजाद ने निचली अदालत में पिछले दिनों जमानत याचिका दाखिल की, जिस पर मंगलवार को सुनवाई भी हुई थी। इस दौरान कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा था कि प्रदर्शन करना किसी भी व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है और दिल्ली पुलिस ऐसे बर्ताव कर रही है 'जैसे कि जामा मस्जिद पाकिस्तान है'।

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सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सरकारी वकील पंकज भाटिया ने पुलिस की ओर से पेश होते हुए जमानत अर्जी का विरोध किया और कहा कि आजाद ने जामा मस्जिद के प्रांगण में उत्तेजक भाषण दिया और वहां लोगों को संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन करने के लिए उकसाया।

हमें अपना विचार व्यक्त करने का पूरा हक है

इस पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कामिनी लॉ ने कहा, ‘संसद के अंदर जो बातें कही जानी चाहिए थीं, वे नहीं कही गईं, यही वजह है कि लोग सड़कों पर उतर गए हैं। हमें अपना विचार व्यक्त करने का पूरा हक है लेकिन हम देश को नष्ट नहीं कर सकते, हम उसे टुकड़े टुकड़े नहीं कर सकते।’

जब न्यायाधीश ने पूछा कि पुलिस के पास आजाद के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए क्या सबूत है तो सरकारी वकील ने भीम आर्मी की सोशल मीडिया पोस्टों का हवाला दिया। भाटिया ने कहा कि इन पोस्टों में वह लोगों से जामा मस्जिद पहुंच और धरना देने का आह्वान करते हैं।

प्रदर्शन करना व्यक्ति का संवैधानिक हक है

इस पर न्यायाधीश ने सवाल किया, ‘जामा मस्जिद जाने में क्या समस्या है? 'धरने' में क्या गलत है? प्रदर्शन करना व्यक्ति का संवैधानिक हक है। हिंसा कहां हुई? इन पोस्टों में से किसी में क्या गलत है? क्या आपने संविधान पढ़ा है।’ अदालत ने कहा, ‘आप ऐसे बर्ताव कर रहे हैं जैसे जामा मस्जिद पाकिस्तान हो और यदि वह पाकिस्तान में है तो भी आप वहां जा सकते हैं और प्रदर्शन कर सकते हैं। पाकिस्तान अविभाजित भारत का हिस्सा था।’

आजाद के खिलाफ इन धाराओं के तहत दर्ज किया गया था मामला

बता दें कि आजाद को पुरानी दिल्ली के दरियागंज इलाके में संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हिंसा के संबंध में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में आजाद के खिलाफ धारा 147 (दंगा करने की धारा), 148 (दंगाई, एक घातक हथियार से लैस), 149, 186, 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

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TAGS: Daryaganj violence case, Delhi Court, grants, bail, Bhim Army Chief, Chandrashekhar Azad
OUTLOOK 15 January, 2020
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