Advertisement
23 February 2018

बकरियां बेचकर शौचालय बनवाने वाली नहीं रहीं कुंवर बाई

File Photo

बकरियां बेचकर शौचालय बनवाने वाली स्वच्छता अभियान की ब्रांड अंबेस्डर कुंवर बाई नहीं रहीं। 106 साल की इस बूढ़ी मां ने घर पर दो टॉयलेट के निर्माण के लिए अपनी आठ-दस बकरियां 22 हजार रुपयों में बेच दी थीं। कुर्रुभट गांव में आयोजित 'रर्बन मिशन' कार्यक्रम के दौरान उन्हें कोटभर्री गांव की ओर से सम्मानित किया गया था। कुछ साल पहले राजनांदगांव के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंवर दाई के पैर छुए थे।

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला में रहने वाली कुंवर बाई का शुक्रवार को निधन हो गया। वह 106 साल की थीं। सोमवार 19 फरवरी से उनका स्वास्थ्य ज्यादा खराब हो गया था, जिसके कारण उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान ही उनके दिमाग के साथ कुछ अन्य अंगों ने ठीक से काम करना बंद कर दिया, जिसके बाद उन्हें एक अन्य अस्पताल ले जाया गया। यहीं पर कुंवर बाई ने अपने प्राण त्याग दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्वच्छ भारत अभियान के लिए साल 2016 में उन्हें ब्रांड अंबेस्डर के रूप में चुना था, जिसके पीछे का कारण इस बूढ़ी महिला का टॉयलेट बनवाने के लिए अपनी बकरियां बेच देना था। घर में शौचालय बनवाने के बाद उन्होंने घर-घर शौचालय बनाने जागरूकता अभियान भी चलाया। पीएम इसके लिए कुंवर बाई को उनके इन प्रयासों के लिए सम्मानित भी कर चुके थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंवर बाई के गुजरने पर खेद प्रकट किया है।

अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या एपल स्टोरसे
TAGS: kunwar Bai, toilets, goats, कुंवर बाई, बकरियां, स्वच्छता अभियान
OUTLOOK 23 February, 2018
Advertisement