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27 May 2018

बेहद कम दिनों में तैयार हुए ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे की 10 खास बातें

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे (EPE) का उद्घाटन किया। इसे सबसे हाईटेक और स्मार्ट एक्सप्रेस-वे कहा जा रहा है। यह हाई-वे दिल्ली के नजदीक हरियाणा के कुंडली को हरियाणा के पलवल से जोड़ेगा। 

10 बिंदुओं में जानिए, इस एक्सप्रेस-वे की अहम बातें-

1. कुल 135 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे को बनाने में 11,000 करोड़ रुपये की लागत आई है। यह महज 17 महीनों में बनकर तैयार हुआ है। यानी लगभग 500 दिनों में काम पूरा किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने पांच नवंबर, 2015 को इस परियोजना की आधारशिला रखी थी।

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2. यह देश का पहला हाईवे है जहां सौर बिजली से सड़क रोशन होगी। इस एक्सप्रेस-वे पर 8 सौर संयंत्र हैं।

3. हाई-वे पर वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक 500 मीटर पर दोनों तरफ वर्षा जल संचयन की व्यवस्था होगी। साथ ही इसमें 36 राष्ट्रीय स्मारकों को प्रदर्शित किया जाएगा तथा 28 झरने होंगे।

4. इस पर बिना दिल्ली में दाखिल हुए पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड़, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश का सफर भी तय कर सकते हैं।

5. छह लेन के इस एक्सप्रेस-वे में 7 इंटरचेंज मौजूद हैं, जिससे एक शहर से दूसरे शहर में लोग आसानी से जा सकते हैं।

6. इस पर आठ जगह हाइवे नेस्ट होंगे, जिनमें जलपान और खानपान की सुविधाएं मिलेगी।

7. ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे के शुरू होने से दिल्ली में 41 प्रतिशत तक ट्रैफिक जाम और 27 प्रतिशत तक प्रदूषण कम होने का दावा किया जा रहा है। इसके मुताबिक इससे राजधानी दिल्ली को वाहनों 30 फीसदी बोझ से मुक्ति मिलेगी। 

8. एक्सप्रेस-वे के किनारे मोटेल, रेस्टोरेंट और फ्यूल आउटलेट की भी व्यवस्था है।

9. वीडियो के माध्यम से घटनाओं का पता लगाना, वार्निंग डिवाइस, फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क जैसी सुविधाएं मौजूद होंगी।

10. कैमरे स्पीड की निगरानी करेंगे और टोल टैक्स भी तय की गई दूरी के हिसाब से देना होगा।

TAGS: Eastern Peripheral Expressway, 10 Facts, EPE, Smart Expressway
OUTLOOK 27 May, 2018
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