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28 April 2018

किरण बेदी के फरमान पर विवाद, खुले में शौच करने वालों को नहीं मिलेगा सरकारी राशन

File Photo

पुदुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी का नया फरमान विवादों में आ गया है। उन्होंने कहा है कि राज्य में मुफ्त में राशन के रूप में दिए जाने वाला चावल उन्हीं गरीबों को दिया जाएगा जो अपने क्षेत्र को साफ रखेंगे और खुले में शौच भी नहीं जाएंगे।

उपराज्यपाल दफ्तर की ओर से राज्य के सभी विधायकों और अधिकारियों को स्टेटमेंट जारी किया गया है। इस संबंध में किरण बेदी ने साफ किया है कि चावल का मुफ्त वितरण शर्तों के अनुसार होगा। जो गांव खुले में शौच से मुक्‍त हो गए हैं। खुले में कूड़ा और प्‍लास्टिक नहीं फेंका जा रहा है, वहां के स्‍थानीय विधायक और आपूर्ति विभाग के आयुक्‍त के प्रमाण पत्र के बाद ही मुफ्त में चावल का वितरण किया जाएगा। बता दें कि राज्‍य की करीब आधी आबादी को मुफ्त में चावल दिया जाता है।

 

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उपराज्यपाल का नया फरमान जून से लागू होगा और सभी क्षेत्रों को चार हफ्तों की डेडलाइन दी गई है ताकि वे गंदगी को दूर करने के लिए मजबूर हो जाएं। यह समय सीमा 31 मई को खत्‍म हो जाएगी।

बेदी का कहना है कि उनके राज्य में सफाई को लेकर धीमी गति से कदम उठाए गए हैं। एक भी गांव ऐसा सामने नहीं आया, जिसने तय समय पर सफाई का काम पूरा किया हो। उन्होंने कहा कि जब भी वे गांवों का दौरा करने गईं तो विधायक लोगों के लिए फंड मांगते हैं, लेकिन स्वच्छता के पक्ष में कुछ सकारात्मक नहीं दिखा।

राज्यपाल के इस फरमान को लेकर सोशल मीडिया पर भी इसकी तीखी आलोचना हो रही है। 

TAGS: free rice distribution, odf, kiren bedi, ban, order
OUTLOOK 28 April, 2018
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