Advertisement
09 December 2020

किसान आंदोलन पर बोली सरकार: स्थिति की ‘रनिंग कमेंट्री’ नहीं की जा सकती

ANI

सरकार ने आज कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के मुद्दों का समाधान किया जा रहा है और अभी स्थिति ‘वर्क इन प्रोग्रेस’ की है जिसकी ‘रनिंग कमेंट्री’ नहीं की जा सकती। 

बुधवार को केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जब पत्रकारों ने आंदोलन कर रहे किसानों के साथ बातचीत की स्थिति और सरकार द्वारा उन्हें भेजे गये ताजा प्रस्तावों के संबंध में सवाल किया तो सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सरकार किसानों के मुद्दों को लेकर संवेदनशील है और अब तक छह दौर की बातचीत की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि यह ‘वर्क इन प्रोग्रेस’ है और इसकी ‘रनिंग कमेंट्री’ नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि सरकार जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है और उम्मीद है कि यह अंतिम चरण में है।
उल्लेखनीय है कि सरकार किसानों के साथ अब तक छह दौर की बातचीत कर चुकी है लेकिन इसका कोई हल नहीं निकला है। पांचवें दौर की बातचीत के बाद सरकार ने किसानों से कहा था कि वह कानूनों में संशोधन के संबंध में उन्हें अपना प्रस्ताव देगी और इसके बाद बुधवार को छठे दौर की बातचीत होगी। लेकिन मंगलवार को अचानक हुए घटनाक्रम में गृह मंत्री अमित शाह ने कुछ किसान नेताओं के साथ बातचीत की हालाकि उसमें भी कोई नतीजा नहीं निकला।
सरकार ने आज किसानों के पास संशोधन से संबंधित प्रस्ताव भेजे हैं जिनपर किसानों द्वारा विचार किये जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच फिर से चर्चा होगी।

OUTLOOK 09 December, 2020
Advertisement