Advertisement
26 July 2023

ज्ञानवापी मस्जिद प्रबंधन समिति ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश में की सुधार की मांग, सीजेआई ने कही ये बात

ज्ञानवापी मस्जिद प्रबंधन समिति (जीएमएमसी) ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपने आवेदन का उल्लेख करते हुए शीर्ष अदालत के सोमवार के आदेश में सुधार की मांग की है, जिसमें मस्जिद के अंदर पूजा के अधिकार की मांग करने वाले हिंदु पक्ष की मांग पर सवाल उठाने वाली समिति की अपील को निस्तारित कर दिया गया था।

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने मस्जिद समिति की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हुजेफा अहमदी से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को सूचित करने को कहा ताकि वह पीठ के सामने पेश हो सकें।

वहीं, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में सर्वेक्षण के खिलाफ अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी की अपील पर बुधवार को सुबह साढ़े नौ बजे सुनवाई शुरू की जो अब भी जारी है।

Advertisement

मस्जिद कमेटी के वकील ने दलील दी कि 21 जुलाई को आदेश पारित करते समय वाराणसी की अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि सर्वेक्षण रिपोर्ट की अनुपस्थिति में मुद्दे को हल नहीं किया जा सकता, लेकिन अदालत ने इस निष्कर्ष पर आने से पूर्व अपने समक्ष आई सामग्रियों पर चर्चा नहीं की। उन्होंने कहा कि निचली अदालत को सबसे पहले पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर कार्यवाही करनी चाहिए थी, लेकिन संपूर्ण शिकायत में इस तरह के साक्ष्य का कोई जिक्र नहीं है।

सुनवाई के दौरान अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी के वकील ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को इस मुकदमे में पक्षकार नहीं बनाया गया और उसे सर्वेक्षण करने और इस मामले में विशेषज्ञ राय देने का निर्देश दिया गया।

इस पर हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने दलील दी कि इस मुकदमे में विशेषज्ञों को पक्षकार बनाए जाने की कोई जरूरत नहीं है और ऐसा कोई कानून नहीं है कि जिस मामले में विशेषज्ञ की राय ली जाती है उस मामले में उसे पक्षकार बनाया जाए।

जैन ने हैंडराइटिंग (लिखावट) विशेषज्ञों का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी मामले में इन्हें कभी पक्षकार नहीं बनाया गया, भले ही जरूरत पड़ने पर अदालत किसी मामले में हैंडराइटिंग विशेषज्ञ की राय मांग सकती है।

 

TAGS: Gyanvapi Masjid Management Committee, demands improvement, Supreme Court's order, CJI
OUTLOOK 26 July, 2023
Advertisement