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16 June 2018

सुपुर्द-ए-खाक हुए शहीद औरंगजेब, सैन्‍य सम्‍मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

ANI

ईद के दिन भारतीय सेना के शहीद जवान औरंगजेब शनिवार को अपने गांव सलानी में सुपुर्द-ए-खाक हो गए। उन्‍हें पूरे सैन्‍य सम्‍मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। शहीद जवान का पार्थिव शरीर दोपहर करीब एक बजे पुंछ में सलानी गांव लाया गया था। इस दौरान हजारों लोगों की भीड़ औरंगजेब के अंतिम दर्शनों में गांव में उमड़ आई और लोगों की आंखें नम दिखी। अंतिम दर्शन के दौरान शहीद जवान के सम्‍मान में 'शहीद औरंगजेब अमर रहें' के नारे लगे। इस दौरान सेना के अफसर और जवान भी अपने इस साथी को अंतिम विदाई लेने के लिए यहां पहुंचे।

14 जून को जम्मू-कश्मीर के शोपिया में सेना के जवान औरंगजेब को आतंकियों ने अगवा करके मार दिया था। पुंछ में औरंगजेब के पैतृक गांव सलामी में उनकी शहादत के बाद मातम छाया हुआ है। आज यानी ईद के दिन तिरंगे में लिपटे औरंगजेब के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक स्थान पुंछ लाया गया।

वहीं, इस दुख की घड़ी में अपने बेटे की शहादत को सलाम करते हुए पिता हनीफ ने कहा, मेरे बेटे ने अपनी प्रतिज्ञा का पालन किया है, उसने अपना वादा पूरा किया। न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पिता ने कहा कि बेटे औरंगजेब ने खुद को राष्ट्र के लिए त्याग दिया और मेरे पास वापस आया। मैं उग्रवाद को खत्म करने के लिए केंद्रीय और राज्य सरकारों से अनुरोध करता हूं।

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औरंगजेब की हत्या से पहले आतंकियों ने की थी पूछताछ

इससे पहले भारतीय सेना में राइफलमैन औरंगजेब का एक वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। माना जा रहा है कि आतंकियों ने उनकी हत्या करने से पहले इस वीडियो को शूट किया है। वीडियो में आतंकी उन मुठभेड़ों के बारे में पूछताछ कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने हिस्सा लिया था।

वीडियो हुआ वायरल

अधिकारियों ने बताया कि करीब 1.15 मिनट के वीडियो में औरंगजेब नीले रंग की जींस और टी शर्ट पहले हुए हैं। इसमें हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी उनकी ड्यूटी, पोस्टिंग और उन मुठभेड़ों के बारे में पूछ रहा है, जिनमें वह शामिल हुए थे। माना जा रहा है कि इसे जंगल के इलाके में शूट किया गया है।

वीडियो में औरंगजेब को एक पेड़ से बांधा हुआ है और आतंकी उसे घेरे हुए हैं। वह बंदूक की दम पर उसके खानदान, नौकरी और मेजर शुक्ला के बारे में जानकारी निकलवा रहे हैं।

ईद मनाने घर आ रहे थे सेना के जवान औरंगजेब

ईद मनाने के लिए छुट्टी लेकर अपने घर जा रहे सेना के जवान औरंगजेब को आतंकियों ने गुरुवार सुबह अगवा कर लिया था। औरंगजेब पुंछ जिले के रहने वाले थे. औरंगजेब का गोलियों से छलनी शव गुरुवार (14 जून) शाम को पुलवामा से बरामद हुआ था।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस और सेना के संयुक्त दल को औरंगजेब का शव कालम्पोरा से करीब 10 किलोमीटर दूर गुस्सु गांव में मिला। उनके सिर और गर्दन पर गोलियों के निशान थे। 4 जम्मू कश्मीर लाइट इन्फेंटरी के राइफलमैन औरंगजेब फिलहाल शोपियां के शादीमार्ग स्थित 44 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे।

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OUTLOOK 16 June, 2018
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