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12 November 2018

राफेल मामले में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी खरीद प्रक्रिया की जानकारी, सौंपे दस्तावेज

राफेल मामले में सरकार ने पिटीशनर को सौंपे दस्तावेज, कहा- नियमों के तहत हुई डील | File Photo

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने राफेल विमान खरीद की प्रक्रिया के दस्तावेज सौप दिए हैं। साथ ही कोर्ट के निर्देश के अनुसार खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले याचिकाकर्ताओं को भी संबंधित दस्तावेज सरकार ने दे दिए । कोर्ट में दस्तावेज सौंपते हुए सरकार ने कहा है कि राफेल विमानों की खरीद 2013 की रक्षा खरीद प्रक्रिया के आधार पर की गई है।

दस्तावेजों में कहा गया है कि विमान के लिए रक्षा खरीद परिषद की मंजूरी ली गई थी तथा भारतीय टीम  ने फ्रांसीसी पक्ष के साथ बातचीत भी की। सौदा नियमों के मुताबिक हुआ। जिसके लिए 74 बैठकें हुई थीं। फ्रांसीसी पक्ष के साथ बातचीत तकरीबन एक साल तक चली और समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी से मंजूरी ली गई।

कोर्ट ने खरीद प्रक्रिया की मांगी थी जानकारी

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इससे पहले केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने राफेल डील के निर्णय प्रक्रिया का पूरा विवरण प्रस्तुत किया था। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की बेंच ने केंद्र से निर्णय लेने की प्रक्रिया की  विस्तृत जानकारी मांगी थी।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि वह डिफेंस फोर्सेज के लिए राफेल विमानों की उपयुक्तता पर कोई राय नहीं देना चाहते और न ही कोई नोटिस जारी कर रहे हैं। कोर्ट केवल फैसला लेने की प्रक्रिया की वैधता जानना चाहता है।

कांग्रेस के ये हैं आरोप

राफेल सौदे में लड़ाकू विमान की कीमतों को लेकर विपक्षी पार्टियां शुरू से ही केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगा रही हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार 1670 करोड़ रुपये प्रति राफेल की दर से विमान खरीद रही है जबकि पिछली सरकार के कार्यकाल में इसकी कीमत 526 करोड़ रुपये तय हुई थी। अंबानी की कंपनी को फायदे पहुंचाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर डील की गई।

TAGS: Rafale, deal, Centre, hands over, document, decision, process, petitioners
OUTLOOK 12 November, 2018
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