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31 January 2020

फर्रुखाबाद: देर रात ढाई बजे पुलिस ने बंधक बच्चों को छुड़ाया, एनकाउंटर में बदमाश ढेर

फर्रुखाबाद: देर रात ढाई बजे पुलिस ने बंधक से बच्चों को छुड़ाया, एनकाउंटर में बदमाश ढेर | Twitter

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के गांव करथिया में एक व्यक्ति ने जन्मदिन के बहाने 23 मासूमों को 11 घंटे तक अपनी कैद में रखा। मामले की जानकारी मिलते ही करीब सात 7 घंटे चले ऑपरेशन के बाद यूपी पुलिस 23 बच्चों की जिंदगी बचाने में कामयाब रही। गुरुवार देर रात ढाई बजे सिरफिरे सुभाष बाथम को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, सुभाष की मांग यह थी कि वो काफी समय से सरकारी योजना के तहत घर और शौचालय की मांग कर रहा था, लेकिन उसे अभी तक उसकी मांग पर कोई सुनवाई नहीं हुई थी।

जन्मदिन के नाम पर बच्चों को बुलाया था घर

मिली जानकारी के अनुसार, सुभाष बाथम ने गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे इन बच्चों को जन्मदिन के नाम पर अपने घर पर बुला लिया था, जहां उसनें गांव के 23 बच्चों को बंधक बना लिया। बच्चों ने वापस जाने की जिद की तो उसने घर के दरवाजे बंद कर दिए। इस दौरान सुभाष की पत्नी भी अपने पति के साथ मौजूद थी। बंधक बनाने के बाद सुभाष अपने छत पर आया और बच्चों को कैद करने की जानकारी सबको दी।

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बात करने गए तो बदमाश ने पैर में मारी गोली

बताया जा रहा है कि इसके बाद गांव वालों ने एक व्यक्ति को सुभाष से बात करने के लिए भेजा, लेकिन बदमाश ने उसके पैर में गोली मार दी। इसके बाद गांव के लोगों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना पाकर 30 मिनट बाद पहुंची पुलिस ने मोर्चा संभाला। इधर आरोपी लगातार बच्चों को बम से उड़ाने की धमकी दे रहा था।

मौके पर पहुंचे डीएम और एसपी

मामला बढ़ता देख डीएम-एसपी भी मौके पर पहुंचे। इस बीच सुभाष ने स्थानीय विधायक को बुलाने की मांग की। पूरा गांव सकते में था। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि सुभाष आखिर चाहता क्या है। वहीं, मामला धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि इसकी जानकारी लखनऊ तक पहुंच गई। अधिकारियों को हालात की जानकारी दी गई। डीजीपी ने एटीएस टीम को मौके पर पहुंचने का आदेश दिया और एनएसजी से भी संपर्क किया गया।

सीएम योगी ने रात में बुलाई थी आपात बैठक

रात करीब 9 बजे सीएम योगी आदित्यनाथ ने आपात बैठक बुलाई। मुख्य सचिव, डीजीपी, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर और गृह विभाग के प्रमुख सचिव को योगी ने बच्चों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए तुरंत एक्शन लेने को कहा। इसके बाद योगी ने फर्रुखाबाद के डीएम और एसपी से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर फर्रुखाबाद पुलिस को फटकार भी लगाई कि आखिर मामले को इतना बढ़ने कैसे दिया गया। सवाल 23 मासूमों की जिंदगी का था, ऐसे में पुलिस और यूपी एटीएस के सामने ये ऑपरेशन किसी चुनौती से कम नहीं था। एक भी गलती मासूमों की जान ले सकती थी। ऐसे में पुलिस ने बड़ी सूझबूझ दिखाते हुए बदमाश से बात करने की कोशिश की, लेकिन सुभाष ने पुलिस पर भी फायरिंग शुरू कर दी। इतना ही नहीं उसने हथगोले भी फेंके। हमले में पुलिस के दो जवान घायल हो गए।

इधर, पुलिस ने सुभाष के घर को चारों ओर से घेर रखा था। गांव वाले भी पुलिस वालों की मदद में लगे हुए थे। लेकिन सुभाष के घर से न ही कोई डिमांड आ रही थी और न वो बातचीत करने को तैयार था। रात करीब सवा 9 बजे एटीएस की टीम पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। रात करीब सवा एक बजे गांव वालों ने घर पर हमला बोल दिया और घर का मुख्य दरवाजा तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस भी घर में घुस गई और एनकाउंटर में सुभाष को ढेर कर दिया।

करीब 11 घंटे चले इस ऑपरेशन में 5 पुलिसकर्मियों समेत 6 लोग घायल हुए हैं। वहीं, सुभाष के घर से भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन को सफल बनाने वाली पुलिस की टीम के लिए 10 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है।

सुभाष की पत्नी की भी मौत

गांव वालों का गुस्सा सुभाष की पत्नी रूबी पर भी निकला। उसे गांव की महिलाओं ने जमकर पीटा। पुलिस ने जैसे-तैसे गांव की महिलाओं के चंगुल से रूबी को छुड़ाया और गंभीर हालत में अस्पताल भेजा, जहां उसने दम तोड़ दिया। सुभाष की एक साल की बच्ची भी है, जिसे लोकल प्रशासन ने सुरक्षित जगह पहुंचा दिया है।

 

TAGS: UP hostage crisis, All children, rescued, accused, killed
OUTLOOK 31 January, 2020
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