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28 September 2018

तीन तलाक पर अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिका को दिल्ली उच्च न्यायालय ने किया खारिज

दिल्ली उच्च न्यायालय ने तीन तलाक अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। दिल्ली हाई कोर्ट में ये याचिका शाहिद आजाद ने दायर की थी। चुनौती देने वाली याचिका में कहा गया था कि तीन तलाक को लेकर मोदी सरकार के द्वारा लाया गया अध्यादेश कानूनी रूप से अनावश्यक और मुस्लिम महिलाओं पर थोपा गया है। 

दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि एक बार उच्चतम न्यायालय ने कह दिया कि कानून असंवैधानिक है और अब इस मसले पर सरकार ही फैसला करेगी।

दायर याचिका में इस अध्यादेश को कानून का दुरुपयोग बताया गया था। याचिका में लाए गए अध्यादेश को क्रिमिनल और सिविल लॉ स्कीम के अलावा अनुच्छेद 14, 15, 20,21 और 25 का भी सीधे तौर पर उल्लंघन बताया गया था। इसके साथ ही इस अध्यादेश को अस्पष्ट और अनिश्चित कहा गया है।

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अध्यादेश पर राष्ट्रपति कर चुके हैं हस्ताक्षर
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने इसी महीने अवैध और निरर्थक तीन तलाक के अध्यादेश पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। अध्‍यादेश के मुताबिक पति को तीन साल के लिए जेल भेजा जाएगा। इस कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार ने कुछ सुरक्षा उपायों जैसे आरोपी को जमानत देना, को भी शामिल किया है। सरकार के इस अध्यादेश से मुस्लिम महिलाओं को छह महीने की फौरी राहत मिली है। यह अध्यादेश छह महीने तक प्रभावी रहेगा।  

TAGS: Triple Talaq, Dilhi HC, High Court, तीन तलाक, ट्रिपल तलाक
OUTLOOK 28 September, 2018
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