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27 September 2025

पाकिस्तान की सेना ने ही ऑपरेशन सिंदूर के दौरान संघर्ष रोकने की अपील की थी: संयुक्त राष्ट्र में भारत

भारत ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की सेना ने ही संघर्ष रोकने की ‘‘अपील की’’ थी और दिल्ली तथा इस्लामाबाद के बीच किसी भी मसले में किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए स्पष्ट किया है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान की सेना ने ही संघर्ष रोकने की अपील की थी और भारत-पाकिस्तान के बीच किसी भी मसले में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं हो सकती।

भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने यह प्रतिक्रिया उस समय दी जब शरीफ ने अपने भाषण में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। गहलोत ने जवाब देने के अधिकार का प्रयोग करते हुए कहा,“इस सभा में आज पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का एक बेतुका बयान सुनने को मिला। उन्होंने एक बार फिर आतंकवाद का गुणगान किया, जो पाकिस्तान की विदेश नीति का मूल आधार है।”

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शरीफ ने अपने भाषण में दावा किया कि पाकिस्तान भारत के साथ सभी लंबित मुद्दों पर "समग्र, व्यापक और परिणामोन्मुखी" वार्ता को तैयार है, और साथ ही जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर भारत की आलोचना की। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप के प्रयासों ने दक्षिण एशिया में संभावित युद्ध को टालने में मदद की, और पाकिस्तान ने उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है।

उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक आतंकवादी हमले के बाद, भारत ने 6 मई की रात 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया था।भारत बार-बार यह दोहराता आया है कि संघर्ष विराम की सहमति दोनों देशों के सेनाओं के डीजीएमओ के बीच हुई सीधी बातचीत के बाद बनी थी...न कि किसी बाहरी मध्यस्थ के कारण।

 

TAGS: Pakistan Army, Ceasefire, Operation Sindoor, India
OUTLOOK 27 September, 2025
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