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26 May 2017

‘ईवीएम टेेंपर प्रूफ है तो फिर डर काहे का, हैक करने की खुली छूट दे चुनाव आयोग’

‘ईवीएम टेंपरप्रूफ है तो फिर डर काहें का, खुली छूट दे चुनाव आयोग’ | File photo

आम आदमी पार्टी (आप) के रुख को देखते हुए लग रहा है कि वह चुनाव आयोग के हैकथान से किनारा करती नजर आ रही है। चुनाव आयोग 3 जून को ईवीएम हैकथान आयोजित करने जा रहा है। इसमें भाग लेने के लिए 26 मई तक रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। लेकिन अभी तक किसी भी दल ने चुनौती स्वीकार नहीं की है।

आप ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर ऑपन हैकथान कराने की मांग की है। आप का कहना है कि दूर से देखकर, बिना किसी टूल्स के ईवीएम को न हैक किया जा सकता है और न ही उसकी खामियां सामने आ सकती है।

साथ ही आप ने कहा है कि चुनाव आयोग की पिछली प्रेस कॉन्प्रेंस में कहा गया था कि अगर ईवीएम के मदरबोर्ड में टेंपरिंग की गई तो मशीन काम करना बंद कर देगी। आप का कहना है कि अगर ऐसा है तो चुनाव आयोग को ऐसा करने की अनुमति देनी चाहिए। साथ ही कहा गया है कि अगर ईवीएम मशीनों के टेंपरप्रूफ होने को लेकर चुनाव आयोग को पूरा भरोसा है तो उसे ऑपन हैकथान की अनुमति देनी चाहिए।

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वहीं आप के प्रवक्ता गोपाल राय ने कहा है कि हम चुनाव आयोग के हैकथान में हिस्सा लेंगे ड्रामें में नहीं। उन्होंने कहा कि अगर हम लोग ईवीएम हैक करने में नाकाम होते हैं तो इससे लोकतंत्र मजबूत होगा।

‘ईवीएम को लेकर काफी नहीं चुनाव आयोग के सेफगार्’

आईआईटी समेत कईं तकनीकी संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञों ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर व्यक्तिगत आधार पर ईवीएम हैक करने की अनुमति मांगी है। पत्र में कहा गया है कि चुनाव आयोग ईवीएम सुरक्षा को लेकर जो सेफगार्ड बता रहा है, वे काफी नहीं हैं। किसी तकनीकी विशेषज्ञ के ईवीएम में छेड़छाड़ की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

TAGS: evm hackathon, aap, election commission
OUTLOOK 26 May, 2017
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