Advertisement
27 October 2016

विश्व बैंक ने बजाई घंटी

विश्व बैंक ने बजाई घंटी | गूगल

‘अच्छे बिजनेस’ की 190 देशों की सूची में भारत 172वें स्‍थान पर है। विशेष रूप से कर भुगतान की स्थिति में भारत की छवि खराब है। विश्व बैंक के दृष्टिकोण से भारत सरकार ने असहमति व्यक्त की है। वहीं केंद्र सरकार के औद्यागिक नीति एवं प्रमोशन विभाग की ओर से तैयार एक अन्य रिपोर्ट में केंद्र सरकार की नाक के नीचे राजधानी में सुगम बिजनेस की हालत बदतर हो गई है। पिछले वर्षों के दौरान औद्योगिक एवं व्यापारिक कामकाज में सुविधाओं के लिए जहां दिल्ली चौथे स्‍थान पर थी, वह अब 19वें नंबर पर पहुंच गई है। रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के 340 पैमानों में आधे पर ही अटकी हुई है। खतरे की घंटी यह है कि केंद्र सरकार की रिपोर्ट के अनुसार कारोबारी स्वीकृतियों के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और निगमों जैसी मल्टीपल एजेंसियों के बीच तालमेल नहीं होने से स्थिति बिगड़ रही है। मजेदार बात यह है कि केवल तीन वर्ष पहले गठित तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और गुजरात दिल्ली से बहुत आगे और पहले तीन स्‍थानों पर है। यदि उन राज्यों में बिजनेस और पूंजी निवेश की सुविधाएं बेहतर हो सकती हैं, तो दिल्ली क्यों पिछड़ रही है। असल में कोई भी देश या पूंजीपति जरूरी लाइसेंस, एनओसी, रजिस्ट्रेशन, जमीन की उपलब्‍धता के आधार पर ही उद्योग-व्यापार के लिए आगे आते हैं। लेकिन विभिन्न विभागों में खींचातानी, भ्रष्टाचार, बाबुओं की लालफीताशाही के कारण उद्योग-व्यापार से जुड़े लोग धक्के खाते रहते हैं। यह शुभ संकेत नहीं है। आखिरकार विदेशी निवेशक पहले देश की राजधानी आकर आर्थिक एवं व्यापारिक माहौल देखते हैं। इसलिए केंद्र और प्रदेशों की सरकारों को जीएसटी से भी पहले अच्छे तालमेल और छवि सुधार के लिए कारगर कदम उठाने होंगे।

TAGS: विश्व बैंक, कारोबार, रैंकिंग, विकास दर, सरकार, आंकड़े, मेक इन इंडिया, आर्थिक स्थिति
OUTLOOK 27 October, 2016
Advertisement