Advertisement
20 September 2021

पंजाब को मिला पहला दलित मुख्यमंत्री, चरणजीत सिंह चन्नी ने ली शपथ, कैप्टन समारोह में नहीं हुए शामिल

ट्विटर

आगामी वर्ष यानी 2022 विधानसभा चुनाव पर नजर रखते हुए पंजाब में धर्मनिरपेक्ष कांग्रेस ने जाति का कार्ड खेला है। आज 11 बजे चरणजीत चन्नी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। साथ ही, कांग्रेस नेता सुखजिंदर एस रंधावा और कांग्रेस नेता ओपी सोनी ने राजभवन में मंत्री पद की शपथ ली। समारोह के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांंधी और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने राजभवन में पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को बधाई दी। पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शपथ समारोह में भाग नहीं लिया।

दलित नेता चरणजीत चन्नी के मुख्यमंत्री के रूप में, पार्टी आलाकमान ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के एक हिंदू चेहरे ब्रह्म मोहिंद्रा और नवजोत सिद्धू खेमे के एक जाट सिख सुखजिंदर रंधावा को डिप्टी सीएम का पद देकर जाति समीकरण को संतुलित किया है। सुनील जाखड़ को भी इस पद की पेशकश की गई थी, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।

निवर्तमान कांग्रेस सरकार में कैप्टन अमरिंदर सिंह के विश्वासपात्र मोहिंद्रा स्थानीय निकाय विभागों के साथ सबसे वरिष्ठ मंत्री थे। वहीं सुखजिंदर रंधावा नवजोत सिद्धू खेमे से सीएम की दौड़ में थे। इसके साथ ही पार्टी आलाकमान ने जाति कार्ड को संतुलित करने के साथ-साथ कैप्टन अमरिंदर और सिद्धू खेमे के करीबी नेताओं को भी समायोजित करने की कोशिश की है। ओबीसी को समायोजित करने के लिए कैबिनेट के चयन में भी प्रतिबिंबित हो सकता है।

Advertisement

पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत ने कहा, "हमारी आपसी भावना है कि दो डिप्टी सीएम होने चाहिए। मंत्रिपरिषद के चयन के अलावा। कुछ नामों पर चर्चा की गई है, लेकिन यह सीएम का विशेषाधिकार है, जो पार्टी आलाकमान के साथ चर्चा के बाद फैसला लेते हैं।"

 

सुखजिंदर सिंह रंधावा- तीन बार विधायक से डिप्टी सीएम

 

पंजाब के डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा (62), कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में कारागार और सहकारिता मंत्री रहे हैं। माझा क्षेत्र के गुरदासपुर जिले से तीन बार के कांग्रेस विधायक हैं। वह 2002, 2007 और 2017 में विधायक बने। पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू के करीबी रंधावा पहले प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष और महासचिव रह चुके हैं। उनका परिवार भी कांग्रेस से जुड़ा रहा है। उनके पिता, संतोख सिंह, दो बार के राज्य कांग्रेस अध्यक्ष और माझा क्षेत्र में एक बहुत प्रसिद्ध व्यक्ति थे।

 

ओपी सोनी- मेयर से डिप्टी सीएम

 

चिकित्सा शिक्षा एंव अनुसंधान विभाग कैबिनेट मंत्री रहे अब पंजाब के डिप्टी सीएम हो गए हैं। अमृतसर सेंट्रल से पांच बार के विधायक हैं 64 वर्षीय सोनी 1997, 2002, 2007, 2012 और फिर 2017 में पंजाब विधानसभा के लिए चुने गए। वे मई, 1991 में अमृतसर के पहले मेयर बने रहे। कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी,सोनी पहली बार पंजाब विधान सभा के लिए 1997 में अमृतसर पश्चिम से एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुने गए थे। सोनी उन 42 कांग्रेस विधायकों में से एक थे, जिन्होंने एसवाईएल जल नहर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में अपना इस्तीफा सौंप दिया था।

 

अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या एपल स्टोरसे
TAGS: Congress caste equation card, Charanjit Singh Channi, Raj Bhavan, oath, Chief Minister
OUTLOOK 20 September, 2021
Advertisement