नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में 200 मौत का दावा, याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 'सबूत लाओ'
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें भीड़ प्रबंधन के संबंध में प्राधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई थी। इसमें दावा किया गया था कि हाल ही में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 200 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।
न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति पी के मिश्रा की पीठ ने याचिकाकर्ता की ओर से उपस्थित वकील से पूछा, "क्या इस बात का कोई सबूत है कि 200 लोग मारे गए हैं?"
वकील ने दावा किया कि रेलवे स्टेशन पर भगदड़ के कई वीडियो एक्स पर अपलोड किए गए थे और रेलवे ने वहां मौजूद गवाहों को नोटिस जारी किया है।
पीठ ने कहा, "वे लोग अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।"
पीठ ने पूछा कि क्या याचिकाकर्ता का मानना है कि संबंधित अधिकारी इस मुद्दे की उपेक्षा कर रहे हैं। वकील ने कहा कि याचिका राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम और भीड़ प्रबंधन के लिए प्रासंगिक नियमों के उचित कार्यान्वयन के लिए दायर की गई थी।
पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता अपनी शिकायत लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय जा सकता है। वकील ने कहा कि याचिका में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मामले में पक्षकार बनाया गया है।
19 फरवरी को दिल्ली उच्च न्यायालय ने रेलवे से अधिकतम यात्रियों की संख्या और प्लेटफार्म टिकटों की बिक्री तय करने के मुद्दे की जांच करने को कहा था। ये मुद्दे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हाल ही में हुई भगदड़ को लेकर दायर एक जनहित याचिका में उठाए गए थे।
उच्च न्यायालय ने संबंधित प्राधिकारियों से कहा था कि वे अपने हलफनामे में इन मुद्दों पर लिए गए निर्णयों का ब्यौरा प्रस्तुत करें।
15 फरवरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई थी। उस समय प्रयागराज जाने के लिए यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ी थी, जहां महाकुंभ चल रहा था।