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15 October 2015

गोवध कानून पर अब हिमाचल उच्च न्यायालय भी बोला

गूगल

न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति सुरेश्वर ठाकुर की एक खंडपीठ ने अपने 36 पन्नों के फैसले में कहा कि धर्मनिरपेक्षता भारतीय संविधान की बुनियादी विशेषताओं में से एक है और लोगों को एक दूसरे की धार्मिक भावनाएं आहत नहीं करनी चाहिए। खंडपीठ ने कहा कि समाज में सामंजस्य होना चाहिए क्योंकि संघर्ष से लोकतंत्र का ताना बाना बिखरता है और साथ ही एक दूसरे के प्रति अविश्वास पनपता है।

 

साथ ही उच्च न्यायालय ने केंद्र को गाय एवं बछड़ों की सुरक्षा एवं संरक्षण के खास उद्देश्य से गायों और आवारा मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराने एवं उसके भंडारण के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार को जरूरी धनराशि उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है। उच्च न्यायालय ने गायों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले एक स्थानीय गैर सरकारी संगठन भारतीय गोवंश रक्षण सवंर्धन परिषद द्वारा दायर जनहित याचिका पर ये आदेश दिए। गौरतलब है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से गाय पर शुरू हुई राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही। यहां तक कि बिहार चुनाव में भी गाय राजनीतिक मुद्दा बन गई। 

TAGS: गाय, गोमांस, हिमाचल प्रदेश
OUTLOOK 15 October, 2015
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