Advertisement
28 March 2017

मिजोरम के ब्रू शरणार्थी मामले की विधानसभा में गूंज

मिजोरम के ब्रू शरणार्थी मामले की विधानसभा में गूंज

राज्य विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान ब्रू वापसी पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए लाल थान्हवला ने कहा कि ब्रू समुदाय के कई लोग अपनी मर्जी से राज्य छोड़कर गए। क्योंकि उस समुदाय के कुछ लोग अभी भी राज्य में रह रहे हैं और उन्होंने ब्रू चरमपंथियों द्वारा धमकाए जाने के बाद भी राज्य छोड़कर जाने से मना कर दिया था।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वे कभी भी ब्रू समेत किसी भी समुदाय के लिए अलग स्वायत्ता जिला परिषद बनाने की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने यह बयान तब दिया जब राज्य के गृहमंत्री आर लालजीरलियाना ने कहा कि ब्रू लोगों ने राज्य में ऐसी ही एक परिषद के गठन के लिए उच्चतम न्यायालय में दलील थी। लालजीरलियाना ने कहा कि तत्कालीन गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने मिजोरम सरकार और यहां के लोगों के खिलाफ आरोप लगाया था कि हिंदू धर्म को मानने के कारण ब्रू समुदाय को मिजो समुदाय ने सताया है।

उन्होंने कहा,  मैंने आडवाणी को जवाब दिया था कि ब्रू कभी भी हिंदू नहीं थे और वे मूल रूप से जीववादी थे और उनमें से अधिकांश लोग ईसाई में तब्दील हो गए थे।

Advertisement

उन्होंने कहा कि यह आरोप लगाया था कि मिजोरम में 28 हिंदू मंदिरों को जला दिया गया, यह बिलकुल झूठ था क्योंकि ब्रू बहुल क्षेत्रों में ऐसा कोई हिंदू मंदिर कभी था ही नहीं।

गृहमंत्री ने बताया कि मिजोरम सरकार के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है कि दो से 23 नवंबर 2016 के बीच त्रिपुरा के छह राहत शिविरों में 5,407 ब्रू परिवारों की मिजोरम के मूल निवासी के तौर पर पहचान की गई थी। उन्होंने आगे कहा कि राहत शिविरों में रह रहे ब्रू समुदाय के 10,763 लोगों का नाम मिजोरम की मतदाता सूची में शामिल किया गया है।

TAGS: mizoram, bru community, मिजोरम, ब्रू समुदाय
OUTLOOK 28 March, 2017
Advertisement