Advertisement
09 September 2016

झारखंड में सरकारी नौकरी के लिए फर्जी सरेंडर का मामला सही पाया गया

झारखंड में सरकारी नौकरी के लिए फर्जी सरेंडर का मामला सही पाया गया | google

 

इसके बाद आयोग की ओर से बनाई गई रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी गई है। रिपोर्ट पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। जस्टिस दत्तू राज्‍य में धुर्वा स्थित न्‍यायिक अकादमी में आयोग के अन्य सदस्यों जस्टिस क्राइक जोसेफ, जस्टिस डी मुरुगेशन और जस्टिस एससी सिन्हा के साथ संवादाताओं से बात कर रहे थे।  

ठगे गए बेरोजगार युवाओं के प्रतिनिधिमंडल ने मानवाधिकार आयोग के अफसरों से भी भेंट की थी। इन लोगों ने अफसरों को आवेदन देकर अनुरोध किया था कि उनके साथ न्याय किया जाए। यह भी अनुरोध किया था कि इस साजिश में सरकारी कर्मी या सरकारी अफसर जो शामिल हैं, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाए। युवाओं ने अपने पैसे भी वापस कराने की मांग रखी है।  

Advertisement

दिग्दर्शन नामक स्वयंसेवी संस्थान ने राज्य के 514 बेरोजगार युवाओं से ठगी करते हुए उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी उग्रवादी बनाकर सरेंडर करा दिया। इन युवाओं को पुलिस कस्टडी में करीब दो साल तक पुराने जेल परिसर में रखा गया। संबंधित युवाओं को जब अपने साथ धोखाधड़ी का एहसास हुआ तब लोअर बाजार थाने में 31 मार्च 2014 को मुकदमा दर्ज कराया गया।

पहली चार्जशीट 2 जून 2014 को दाखिल की गई थी। उसी दिन कोर्ट ने संज्ञान ले लिया। इसके बाद पहली सप्लिमेंटरी चार्जशीट 29 सितंबर 15 को दाखिल की गई। इसपर भी कोर्ट ने उसी दिन संज्ञान लिया। इसी तरह दूसरी सप्लिमेंटरी चार्जशीट 19 अगस्त 15 को दाखिल की गई। कोर्ट ने फिर उसी दिन संज्ञान ले लिया। इस पर सघन जांच जारी है। 

TAGS: मानवाधिकार आयोग, सरकारी नौकरी, पेशकश, समर्पण, झारखंड, भाजपा, सरकार, jharkhand, human right, surrender, job, bjp
OUTLOOK 09 September, 2016
Advertisement