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14 November 2018

यूपी: कृषि विभाग के नौ अधिकारी निलम्बित

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उत्तर प्रदेश सरकार ने मृदा परीक्षण के लिए जांच एजेन्सी के चयन में टेन्डर की शर्तें भारत सरकार के दिशा-निर्देश के अनुरूप न होने, अनियमितता मिलने और फर्म विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए टेन्डर की शर्तों में फर्म विशेष को ध्यान में रखकर शर्तें डालने के आरोप में कृषि विभाग के नौ उच्चाधिकारियों को निलम्बित कर दिया है। इनमें दो अधिकारी संयुक्त निदेशक स्तर, पांच अधिकारी उप निदेशक स्तर और दो सहायक निदेशक स्तर के अधिकारी हैं।

प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने बताया कि इन अधिकारियों में कृषि निदेशालय के संयुक्त कृषि निदेशक (शोध एवं मृदा सर्वेक्षण) पंकज त्रिपाठी, उप कृषि निदेशक, बरेली, (वर्ष 2017-18 व 2018-19 में बरेली मण्डल की निविदा समिति के अध्यक्ष) विनोद कुमार, उप कृषि निदेशक मुरादाबाद (वर्ष 2017-18 व 2018-19 में मुरादाबाद मण्डल की निविदा समिति के अध्यक्ष) डॉ. अशोक कुमार, संयुक्त कृषि निदेशक अलीगढ़ (वर्ष 2018-19 में अलीगढ़ मण्डल की निविदा समिति के अध्यक्ष) जुगेन्द्र सिंह राठौर, उप कृषि निदेशक सहारनपुर (वर्ष 2018-19 में सहारनपुर मण्डल की निविदा समिति के अध्यक्ष) राजीव कुमार, उप कृषि निदेशक, झांसी (वर्ष 2018-19 में झांसी मण्डल की निविदा समिति के अध्यक्ष) राम प्रताप, उप कृषि निदेशक मेरठ (वर्ष 2017-18 व 2018-19 में मेरठ मण्डल की निविदा समिति के अध्यक्ष) सुरेश चन्द्र चौधरी, उप कृषि निदेशक/प्रभारी सहायक निदेशक अलीगढ़ (मृदा परीक्षण/कल्चर) श्रीदेव शर्मा और सहायक निदेशक (मृदा परीक्षण/कल्चर) संजीव कुमार बरेली शामिल हैं।

इसके अलावा चार कम्पनियों यश साल्यूसन्स, सिद्धि विनायक, सतीश कुमार अग्रवाल और सरस्वती सेल्स को टेन्डर में फर्जी दस्तावेज लगाने और विभागीय अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर टेन्डर हासिल करने के आरोप में ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। साथ ही इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018-19 में बरेली में एस साल्यूसन्स को भुगतान की गयी धनराशि की वसूली कराने के भी आदेश दिए गए हैं।

TAGS: Uttar pradesh, 9 agriculture department officers, suspended
OUTLOOK 14 November, 2018
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