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16 May 2020

फंसे मजदूरों के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने दी 105 ट्रेनों को मंजूरी, पूरा खर्चा भी करेगी वहन

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को ऐलान किया है कि देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे राज्य के प्रवासी मजदूरों के परिवहन की पूरा खर्च राज्य सरकार देगी।किसी भी प्रवासी मजदूर से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। राज्य सरकार ने 16 अन्य राज्यों से प्रवासी मजदूरों को वापस लाने के लिए 105 ट्रेनों को मंजूरी दी है।

ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, ‘‘हमारे प्रवासी श्रमिकों के कठिन परिश्रम को सलाम करते हुए, मुझे पश्चिम बंगाल सरकार के निर्णय की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि दूसरे राज्यों से प्रवासी कामगारों को विशेष ट्रेनों द्वारा लाए जाने का पूरा खर्चा राज्य सरकार उठाएगी. किसी भी प्रवासी से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।’’ 

14 लाख से ज्यादा को भेजा गया घर

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भारतीय रेलवे के मुताबिक, कि 15 मई की मध्यरात्रि तक 14 लाख से अधिक लोगों को ट्रेनों के जरिए उनके गृह राज्यों में वापस भेजा गया है। रेलवे ने कहा कि श्रमिकों को वापस भेजने के लिए देशभर में 1074 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है। पिछले 3 दिनों के दौरान, हर दिन 2 लाख से अधिक लोगों को भेजा जा रहा है।

प्रवासी मजदूरों के लिए किया जा रहा है संचालन

पिछले 15 दिन में प्रवासी कामगारों को घर पहुंचाने के लिए राज्यों से 1,000 से ज्यादा ट्रेनों के परिचालन की अनुमति मिली है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा संख्या में प्रवासी कामगार उत्तर प्रदेश लौटे हैं, वहीं अपने लोगों को वापस बुलाने में बिहार दूसरे नंबर पर है। बता दें कि लॉकडाउन की वजह से अधिकांश कंपनियों में काम ठप पड़ा है। ऐसे में प्रवासी मजदूरों के सामने संकट पैदा हो गया है, जिसके बाद भारी संख्या में प्रवासी अपने गृह राज्य लौटने लगे हैं। प्रवासियों को उनके गृह राज्य तक छोड़ने के लिए रेलवे की ओर से श्रमिक स्पेशल का संचालन किया जा रहा है।

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OUTLOOK 16 May, 2020
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