कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत के मामले में सीबीआई ने 6 आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ पेश की चार्जशीट
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के एक होटल में छापेमारी के दौरान कानपुर के बिजनेसमैन मनीष गुप्ता की मौत के मामले में सीबीआई ने 7 जनवरी को चार्जशीट दायर कर दी है। सीबीआई ने 6 आरोपी पुलिसकर्मियों- तब के एसएचओ/इंस्पेक्टर, तीन सब-इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल के खिलाफ विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के कोर्ट में चार्जशीट दायर की है।
बता दें कि इससे पहले गुरुवार, 6 जनवरी को कोर्ट ने मनीष गुप्ता हत्याकांड के आरोपित पुलिसकर्मियों की न्यायिक हिरासत की अवधि 10 जनवरी तक बढ़ा दी थी।
अधिकारियों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि आरोप-पत्र में छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक साजिश और हत्या के आरोप लगाए गए हैं। छह पुलिसकर्मियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा - 302 (हत्या), 201 (सबूत नष्ट करना) सहित अन्य के साथ आईपीसी की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और 34 (सामान्य इरादा) के तहत आरोप लगाए गए। यूपी पुलिस के अधिकारियों ने गोरखपुर के एक होटल के कमरे में छापेमारी के बाद 36 वर्षीय व्यवसायी की मौत हो गई।
भारी विवाद और राजनीतिक दबाव के बीच 2 नवंबर 2021 को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के आग्रह पर सीबीआई ने मनीष गुप्ता 'हत्याकांड' में मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू की थी। मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता की शिकायत पर पुलिस ने छह पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया था। इन 6 पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, एसआई अक्षय मिश्र,एसआई विजय यादव, एसआई राहुल दुबे, हेड कांस्टेबल कमलेश और कांस्टेबल प्रशांत शामिल थे। इन सबको बर्खास्त किया जा चुका है।
गौरतलब है कि 27 सितंबर 2021 को कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की गोरखपुर के कृष्णा पैलेस होटल में उत्तर प्रदेश के कुछ पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर पिटाई की थी। पुलिस की कथित पिटाई से मनीष गुप्ता को गंभीर चोटें आई थी और उन्होंने दम तोड़ दिया था।