अंबेडकर के नाम पर भी सांप्रदायिक हिंसा? राघव लखनपाल के खिलाफ 2 एफआईआर दर्ज
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के ग्राम सड़क दूधली में बृस्पतिवार को अंबेडकर शोभायात्रा निकालने को लेकर दो पक्षो में हिंसक टकराव हुआ। इसके बाद उपद्रवियों ने एसएसपी आवास पर भी धावा बाेेल दिया और तोड़फोड़ की। दोनों घटनाओं के सिलसिले में भाजपा सांसद राघव लखनपाल शर्मा समेत 12 लोगों को नामजद करते हुए 300 से अधिक अज्ञात लोगों के विरूद्ध दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लव कुमार ने मुताबिक, दूधली गांव में प्रशासन की इजाजत के बगैर शोभायात्रा निकाली जा रही थी। इस दौरान एक समुदाय के लोगों ने इसका विरोध किया और शोभायात्रा पर पथराव शुरू हो गया। जवाब में दूसरे पक्ष ने भी पथराव किया। दोनों ओर से हुए पथराव में भाजपा सांसद और एसएसपी सहित कई अन्य लोग घायल हो गए। उपद्रवियों ने मंडलायुक्त की गाड़ी और शोभायात्रा के वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
एसएसपी आवास पर तोड़फोड़
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों समूहों को शांत कराने का प्रयास किया। लेकिन उपद्रवियों के आक्रोश के सामने बेबस नजर आई। शोभायात्रा रोके जाने के नाराज सांसद अपने समर्थकों के साथ एसएसपी आवास जा पहुंचे और जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने वहां लगा सीसीटीवी कैमरा क्षतिग्रस्त कर दिया और नेम प्लेट उखाड़ दी। शोभायात्रा को रोके जाने से गुस्साए लोगों ने देहरादून रोड जाम कर वहां भी खूब उत्पात मचाया। पुलिस महानिरीक्षक अजय आनंद ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह सांसद और उनके समर्थकों को शांत किया।
भारी पुलिसबल तैनात
सांसद राघव लखनपाल शर्मा का कहना है कि अंबेडकर जयंती के अवसर पर एक शांतिपूर्ण रैली निकाली जा रही थी, जिस पर एक समूह ने हमला किया। इस हमले में उन्हें भी चोट आई है। एसएसपी ने कहा कि पथराव करने वालों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
नहीं थी शोभायात्रा निकालने की अनुमति
पुलिस के मुताबिक, बृहस्पतिवार को दो जगह हिंसक घटनाएं हुईं। एक सड़क दूधली और दूसरी थाना जनकपुरी इलाके में। दूधली में बिना अनुमति के शोभायात्रा निकालने का प्रयास किया गया, जिसके चलते दूसरे पक्ष ने विरोध और पथराव किया। दोनों ही घटनाओं में सांसद राघव लखनपाल शर्मा की मौजूदगी रही जिसका उल्लेख भी प्राथमिकी में किया गया है। इस मामले में शुक्रवार शाम तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
- एजेंसी इनपुट