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26 March 2018

समस्याएं बहुत हैं, समय तो लगेगा

कैप्टन के सामने उम्मीदों पर ख्ररा उतरने की चुनौती

अपनी सरकार के एक साल के प्रदर्शन को आप कैसे आंकते हैं? जनता की नजर में और विपक्ष के भी आरोप हैं कि सरकार ड्रग्स कंट्रोल करने, किसान कर्जमाफी और ‘घर-घर रोजगार’ देने में विफल रही है?

जनता की नजर में ऐसा नहीं है। विपक्ष जनता को भ्रमित कर रहा है। जनता ने हमें सरकार बनाने का मौका ऐसे ही नहीं दिया। ड्रग्स कंट्रोल, किसान कर्जमाफी और ‘घर-घर रोजगार’ की दिशा में काम जारी है। पांच एकड़ तक के सभी 10.25 लाख किसानों की कर्जमाफी नवंबर तक हो जाएगी। ड्रग्स के मामले में एसटीएफ ने माफिया की कमर तोड़ दी है। एक अप्रैल 2017 से 20 फरवरी 2018 तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 897 मामले दर्ज किए गए हैं। 1419 गिरफ्तारियां हुई हैं। अब हमारे निशाने पर बड़े ड्रग्स तस्कर हैं। वहीं, एक साल में एक लाख 61 हजार युवाओं को रोजगार मिला है, जिनमें प्राइवेट सेक्टर में कैंपस प्लेसमेंट भी शामिल हैं।

युवाओं में बेरोजगारी बड़ी समस्या है। इससे वे अपराध और नशे की ओर बढ़ रहे हैं?

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दूसरी समस्याओं की तरह बेरोजगारी जैसी बड़ी समस्या भी हमें अकाली-भाजपा सरकार से विरासत में मिली है। जब हमारी सरकार बनी तब पंजाब में नौ लाख युवा बेरोजगार थे। उनमें से कई रोजगार के लिए विदेशों और देश के अन्य इलाकों में जा रहे हैं। हम नहीं चाहते कि युवा पंजाब छोड़कर बाहर जाएं, ड्रग्स और अपराध के दलदल में फंसें।

 घर-घर रोजगार’ का वादा किया गया था। सरकारी विभागों में बहुत कम भर्तियां हुई हैं? प्राइवेट जॉब मेले को आप सरकार के मेनिफेस्टो के तहत ‘घर-घर रोजगार’ मुहैया कराने का दावा कर रहे हैं?

‘घर-घर रोजगार’ केवल सरकारी क्षेत्र में नौकरी तक सीमित नहीं है। हर घर रोजगार मिले, इसे पूरा करने के लिए हम इंडस्ट्रीज के साथ एमओयू कर रहे हैं। 15 हजार से अधिक स्मॉल स्केल की इंडस्ट्रीज ने 90 हजार लोगों को रोजगार देने के लिए इंडस्ट्रीज विभाग के पास रजिस्ट्रेशन कराया है। कई मोर्चों पर सरकार बहुत नई पहल करने जा रही है। 10 साल तक रही एक सरकार की ओर से पैदा की गईं समस्याओं को महज एक साल में कैसे दूर किया जा सकता है।

सरकार को जीएसटी, एक्साइज, स्टांप ड्यूटी, माइनिंग समेत कई स्रोत से राजस्व आ रहा है। इसके बावजूद कहा जा रहा है कि खजाना खाली है? कई बार तो कर्मचारियों के वेतन में भी देरी हुई?

जब आप इस बार का हमारा बजट देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि कमाई और खर्च के बीच कितनी गहरी खाई है? इसमें दो राय नहीं कि कुछ स्रोतों से रेवन्यू बढ़ रहा है। सरकार की देनदारियों का खजाने पर भारी बोझ है। नॉन टैक्स रेवेन्यू में गिरावट है। बिजली सब्सिडी और किसान कर्जमाफी का बोझ सरकारी खजाने पर पड़ रहा है।

आपने अवैध रेत खनन अपनी आंखों से देखे। इसमें कई कांग्रेसी विधायकों, यहां तक कि एक कैबिनेट मंत्री का नाम भी उछला। इंटेलीजेंस और माइनिंग विभाग ने आपको कुछ नेताओं की लिस्ट भी सौंपी। अवैध रेत खनन के खेल में गुंडा टैक्स वसूली भी बदस्तूर जारी है?

ऐसी कोई लिस्ट मेरे पास नहीं है। अगर मुझे ऐसी कोई लिस्ट मिलती है तो मैं वादा करता हूं कि उनके खिलाफ सख्त जांच की जाएगी। नेता और माइनिंग माफिया के गठजोड़ को बख्शा नहीं जाएगा। मैंने व्यक्तिगत तौर पर सभी उपायुक्तों और पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए हैं कि अवैध खनन की जांच में किसी का भी राजनीतिक हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाए। अवैध खनन मामले में चार हजार से अधिक एफआइआर दर्ज की जा चुकी हैं।

इलेक्शन मेनिफेस्टो में युवाओं को 2500 रुपये महीना बेरोजगारी भत्ता और स्मार्टफोन देने का वादा पूरा नहीं हुआ?

मेनिफेस्टो में हमने युवाओं को 2500 रुपये बेरोजगारी भत्ते और स्मार्टफोन का वादा किया था। लेकिन यह सरकार के पहले साल में ही पूरा कर दिया जाएगा, ऐसा वादा नहीं था। इसे पूरा करने में कुछ माली हालात आड़े आ रहे हैं, लेकिन विश्वास दिलाता हूं कि हर हाल में इन्हें पूरा किया जाएगा। स्मार्टफोन बांटने का काम इस साल शुरू कर दिया जाएगा।

आपके मेनिफेस्टो का भी वादा था और आपने गुठखा साहिब की सौगंध खाकर कहा था कि पंजाब से चार हफ्ते में नशे का पूरी तरह से खात्मा होगा?

नशे की जड़ें बहुत पुरानी और गहरी हैं। मिटाने में वक्त लगेगा। बीएसएफ की मदद से एसटीएफ ने काफी हद तक बॉर्डर से ड्रग्स की सप्लाई रोकने में सफलता हासिल की है।

भ्रष्टाचार के मामले पर आपकी सरकार जीरो टॉलरेंस पॉलिसी का दावा करती है, लेकिन हकीकत यह है कि पटवारी से लेकर थाने का मुंशी तक इसमें शामिल है। जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार कैसे रोकेंगे?

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी सिर्फ हमारा दावा नहीं, बल्कि एजेंडा भी है। माइनिंग और ट्रांसपोर्ट माफिया पर नकेल कसने की बड़े पैमाने पर तैयारी है। सरकारी सिस्टम में पूरी तरह से पारदर्शिता लाने के लिए ई-गवर्नेंस और डिजिटलीकरण किया जा रहा है।

मेनिफेस्टो के मुताबिक, बढ़ी हुई वृद्धा और विधवा पेंशन नहीं मिल रही?

2018 की कोई पेंशन बकाया नहीं है। लाभार्थियों के बैंक खाते में हर महीने पैसा पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए हर महीने 128 करोड़ का आवंटन किया जा रहा है। पिछले साल की बकाया पेंशन जल्द जारी की जाएगी।

लड़कियों को पहली कक्षा से पीएचडी तक मुफ्त शिक्षा का भी वादा पूरा नहीं हुआ?

प्राइमरी स्तर से ही शिक्षा में सुधार के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सरकार की तरफ से सरकारी स्कूलों की प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए दो करोड़ रुपये का फंड प्रिंटिंग मैटीरियल, ग्रीन बोर्ड, फर्नीचर और स्टेशनरी के लिए जारी किया गया है। मेनिफेस्टो के मुताबिक, फ्री एजुकेशन के मॉडल पर विचार किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण के लिए स्थानीय निकायों और पंचायत चुनाव में 50 फीसदी सीटों का आरक्षण लागू कर दिया गया है।

पंजाब में निवेश के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे?

करीब 2200 करोड़ रुपये निवेश से कई बड़े प्रोजेक्ट अगले एक साल के भीतर शुरू होने जा रहे हैं।

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TAGS: Outlook Hindi, Interview, Punjab Chief Minister, Capt Amarinder Singh
OUTLOOK 26 March, 2018
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