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09 May 2020

कोरोना पर नई डिस्चार्ज पॉलिसी का ऐलान- अस्पताल से 10 दिन में छुट्टी, 7 दिन होम आइसोलेशन का नया नियम

पीटीआइ

तमाम प्रयासों के बाद भी देश मे कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 मरीजों के अस्पतालों से डिस्चार्ज को लेकर संशोधित डिस्‍चार्ज पॉलिसी जारी की है। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी की गई नई गाइडलाइंस के मुताबिक, अगर मरीज में कोई लक्षण नजर नहीं आता है, तो उसे दस दिनों के बाद अस्‍पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। इसमें यह भी कहा गया है कि डिस्‍चार्ज से पहले टेस्ट की कोई आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे व्‍यक्ति को सलाह दी जाएगी कि वह अस्‍पताल से डिस्‍चार्ज होने के बाद 7 दिनों तक आइसोलेशन में रहें और गाइडलाइन का पालन करें। हालांकि, गंभीर कोरोना पीड़ित मरीजों पर निर्णय उनकी हालत को देखते हुए डॉक्‍टर्स लेंगे।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी नई पॉलिसी में कहा है कि ऐसे कोविड-19 मरीज जिनमें कोरोना के लक्षण हल्का या बहुत हल्‍के हैं, उन्‍हें कोविड केयर फैसिलिटी में रखा जाएगा। जहां उन्‍हें नियमित तापमान चेक और पल्‍स ऑक्सिमेट्री मॉनिटरिंग से गुजरना होगा। अगर तीन दिन तक बुखार नहीं आता है तो ऐसे मरीज को 10 दिन बाद अस्पताल से डिस्‍चार्ज किया जा सकता है। उससे पहले मरीज को किसी जांच की जरूरत भी नहीं है। हालांकि, मरीज को 7 दिन तक होम आइसोलेशन में रहना होगा। इसके अलावा, डिस्‍चार्ज से पहले अगर किसी प्वाइंट पर ऑक्‍सीजन सैचुरेशन 95 फीसदी से नीचे जाता है तो मरीज को डेडिकेटेड कोविड हेल्‍थ सेंटर (सीडीसी) ले जाया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्रालय की नई डिस्चार्ज पॉलिसी के मुताबिक, अगर किसी शख्‍स को अस्‍पताल से डिस्‍चार्ज होने के बाद बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत जैसी परेशानी होती है, तो वह कोविड केयर सेंटर, राज्‍य के हेल्‍पलाइन नंबर या 1075 पर संपर्क कर सकता है। अस्‍पताल से डिस्‍चार्ज हुए लोगों की 14वें दिन टेली-कॉन्फ्रेंस के माध्यम से स्वास्थ्य जांच फिर की जाएगी। 

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वहीं, संशोधित पॉलिसी के अनुसार, गंभीर लक्षण वाले मरीजों को कोरोना वायरस के इलाज के लिए बने 'कोविड हेल्‍थ सेंटर' में ऑक्‍सीजन बेड्स पर रखा जाएगा। उन्हें बॉडी टेम्‍प्रेचर और ऑक्‍सीजन सैचुरेशन चेक्‍स से गुजरना होगा। अगर बुखार 3 दिन में उतर जाता है और मरीज का अगले 4 दिन तक सैचुरेशन लेवल 95% से ज्‍यादा रहता है, तो मरीज को 10 दिन के बाद छोड़ा जा सकता है। हालांकि, इस स्थिति में बुखार, सांस लेने में तकलीफ और ऑक्‍सीजन की जरूरत नहीं होनी चाहिए। ऐसे मरीजों को डिस्‍चार्ज से पहले टेस्टिंग से नहीं गुजरना होगा। 

हालांकि, पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे कोरोना मरीजों के लिए नियम कुछ अलग होंगे। ऐसे मरीज जो ऑक्‍सीजन सपोर्ट पर हैं, उन्‍हें क्‍लीनिकल सिम्‍प्‍टम्‍स दूर होने के बाद ही डिस्‍चार्ज किया जाएगा। लगातार 3 दिन तक ऑक्‍सीजन सैचुरेशन मेंटेन रखने वाले मरीज ही डिस्‍चार्ज होंगे। इसके अलावा एचआइवी और अन्‍य गंभीर बीमारियों वाले मरीजों को क्‍लिनिकल रिकवरी और आरटी-पीसीआर टेस्‍ट में नेगेटिव आने के बाद ही डिस्‍चार्ज किया जाएगा।

देश में संक्रमितों की संख्या 59,662 पहुंची

भारत में कोरोना वायरस अपना कहर बरपा रहा है। भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 3,320 और मामले सामने आए हैं और 95 मौतें हुई हैं। देश में कोरोना वायरस पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़कर 59,662 हो गई है। इसमें 39,834 सक्रिय मामले, वहीं 17,847 लोग ठीक हो चुके हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, भारत में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से 1,981 मौतें हुई हैं।

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TAGS: Ministry of Health & Family Welfare, issues, revised, discharge policy, COVID19, patients.
OUTLOOK 09 May, 2020
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