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01 November 2016

जल्दी ही इंटरनेट के सर्च इंजन आत्महत्याएं रोकने में करेंगे मदद

जल्दी ही इंटरनेट के सर्च इंजन आत्महत्याएं रोकने में कर सकते हैं मदद | google

सर्च इंजन पर डाले गए सवाल केवल उपयोगकर्ताओं की रुचि के बारे में ही नहीं बताते बल्कि उनमें उनके मूड और स्वास्थ्य की स्थिति से जुड़ी जानकारी भी निहित होती है। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिशों के चलते, गूगल जैसे सर्च इंजन पहले ही खोज के लिए डाले जा रहे उन सवालों के जवाब दे रहे हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि प्रयोगकर्ता शायद आत्महत्या के बारे में विचार कर रहा है। इन प्रयोगकर्ताओं का ध्यान काउंसलिंग और आत्महत्या की रोकथाम करने वाली अन्य सेवाओं की ओर खींचा जाता है।

जर्मनी की लुडविग मैक्सिमिलियन यूनिवर्सिटी :एलएमयू: के फ्लोरियन अरेन्ड ने कहा, इंटरनेट आत्महत्या रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। वास्तव में अनेक अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि आत्महत्या करने को आतुर व्यक्ति भी उपलब्ध सहायता संसाधनों की याद दिलाने पर अपना इरादा बदल सकता है। 

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शोधार्थियों ने इस बात पर एक अध्ययन किया था कि किस तरह सर्च इंजन द्वारा इस्तेमाल की जा रही प्रणाली को सवालों के विश्लेषण के लिए संशोधित किया जा सकता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि खतरे के कगार पर पहुंचे लोगों तक उपचार संबंधी जानकारी पहुंचाई जा सके। यह अध्ययन हैल्थ कम्यूनिकेशन नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ था। भाषा एजेंसी 

TAGS: इंटरनेट, सर्च इंजन, वैज्ञानिक, रिसर्च, आत्‍महत्‍या, scientist, research, google, engine, suicide
OUTLOOK 01 November, 2016
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