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03 August 2015

सर्वदलीय बैठक में ही कांग्रेस ने अपना लिया था आक्रामक रूख

पीटीआई

सूत्रों के मुताबिक बैठक शुरू होते ही कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगे नहीं मानती तब तक गतिरोध बना रहेगा। कांग्रेस नेता की बात का समर्थन कई दलों ने किया तो कई ने विरोध भी किया। लेकिन बैठक के दौरान जब सरकार की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं आया तब जनता दल यूनाइटेड और वामपंथी दल कांग्रेस के समर्थन खुलकर आ गए। हालांकि समाजवादी पार्टी और बीजू जनता दल के सांसदों ने बीच का रास्ता निकालने की बात कही। लेकिन कांग्रेस अपनी मांग पर अड़ी रही।

 

सूत्रों के मुताबिक सरकार कुछ विधेयकों को लेकर चर्चा करती रही लेकिन ललित गेट और व्यापमं के मामले चुप्पी साधे रही। उसके बाद से कांग्रेस की रणनीति साफ हो गई कि संसद को चलने नहीं दिया जाएग। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने बताया कि सरकार अगर कोई प्रस्ताव लाए तब विचार हो लेकिन सरकार की ओर से केवल अपील की जा रही है।

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दूसरी ओर संसदीय कार्यमंत्री वेकैया नायडू का कहना है कि कांग्रेस अलग-थलग पड़ गई है। उन्होने कहा कि कोई इस्तीफा नहीं होगा। क्योंकि राजग के मंत्रियों ने कोई अनैतिक काम नहीं किया है। वेकैया का दावा था कि केवल दो दल ही विरोध में है। बाकी सभी दल चाहते हैं कि सदन सुचारू रूप से चले। लेकिन कांग्रेस ने साफ कर दिया कि तब तक उनके मुद्दों पर प्रस्ताव नहीं आता तब तक सदन नहीं चलने दिया जाएगा। 

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TAGS: सर्वदलीय बैठक, कांग्रेस, भाजपा, वामदल, संसद, वेकैया नायडू, parliament, congress, bjp, left party, all party meeting
OUTLOOK 03 August, 2015
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