मध्यप्रदेश चुनाव: कमलनाथ ने मानी हार, उम्मीद जताई कि भाजपा लोगों के भरोसे पर खरा उतरेगी

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की हार स्वीकार करते हुए रविवार को कहा कि मुझे आशा है कि जनता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जो भरोसा दिखाया है, उस पर वह खरा उतरेगी।
कमलनाथ ने भोपाल में संवाददाताओं से कहा, ‘‘चुनाव परिणाम में मध्यप्रदेश की जनता का फैसला हमें स्वीकार है। हमें विपक्ष में बैठने की जिम्मेदारी दी गई है और हम अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे।’’
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के सामने अभी सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो और किसानों को खुशहाली मिले। कमलनाथ ने कहा, ‘‘मैं भारतीय जनता पार्टी को बधाई देता हूं। मुझे आशा है कि जनता ने उन पर जो विश्वास जताया है, वे उस पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।’’
निर्वाचन आयोग के आंकडों के अनुसार भाजपा 164, कांग्रेस 65 सीट पर आगे है। वहीं, नतीजों की बात करें तो भाजपा 77 सीटें जीत चुकी है और कांग्रेस के पाले में 17 सीटें आईं हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर आठवें दौर की गिनती के बाद मुरैना जिले की दिमनी सीट से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बसपा के बलवीर सिंह दंडोतिया से से पीछे हैं।
बता दें कि प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा के लिए 17 नवंबर को एक ही चरण में विधानसभा चुनाव कराए गए थे। राज्य में इस बार 2533 प्रत्याशी मैदान में थे।
अब तक हुए विधानसभा चुनावों के सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड 77.82 प्रतिशत मतदान हुआ, जो 2018 के चुनावों की तुलना में 2.19 प्रतिशत ज्यादा है। इसमें भी 78.21% पुरुष और 76.03% महिलाओं ने मतदान किया। इसके मुकाबले 2018 के चुनावों में 75.63% वोटिंग हुई थी, जो इससे पहले तक एक रिकॉर्ड थी