दिल्ली चुनाव 2025: आज घोषणा पत्र जारी करेगी AAP, जनता के लिए खुलेगा वादों का पिटारा
राजधानी दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। राजनीतिक दल के एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस भी दिल्ली में खोई अपनी जमीन को वापस पाने की कोशिश में जुटी है। इस बीच सियासी दल अपने वादों का पिटारा खोलने में जुट गए हैं। भाजपा के बाद अब आज आम आदमी पार्टी अपना घोषणा पत्र जारी करेगी। जानकारी के मुताबिक अरविंद केजरीवाल दोपहर 12 बजे आप का मैनिफेस्टो जारी करेंगे।
बता दें कि दिल्ली में 5 फरवरी को मतदान होना है। चुनाव परिणाम 8 फरवरी को आएगा।
दिल्ली में विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस ने चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। आम आदमी पार्टी लगातार चुनावी घोषणाएं कर रही है। इससे पहले आप ने 18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को प्रतिमाह 2100 रुपये देने का वादा किया। दिल्ली में पढ़ाई करने वाले सभी स्टूडेंट्स के लिए फ्री बस यात्रा करने की घोषणा आम आदमी पार्टी ने की है।
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को घोषणा की कि अगर पांच फरवरी को दिल्ली में विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी जीत जाती है तो मनीष सिसोदिया फिर से उप मुख्यमंत्री बनेंगे। केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवार सिसोदिया के पक्ष में जंगपुरा निर्वाचन क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही।
उन्होंने मतदाताओं से सिसोदिया को विजयी बनाने की अपील करते हुए कहा, ‘‘वह सरकार में उप मुख्यमंत्री बनेंगे और उनके साथ आप सब भी उप मुख्यमंत्री बनेंगे।’ केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर आरोप लगाया कि उसने दिल्ली में उनके 10 साल के कार्यकाल के दौरान शहर में विकास कार्यों में बाधा डाली।
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को 'संकल्प पत्र' को जारी किया। भाजपा ने तीन चरणों में अपना संकल्प पत्र किया है। जिसमें दिल्ली की जनता से कई वादे किए गए हैं। संकल्प पत्र के तीसरा भाग केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जारी किया। अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि आज दिल्ली 2025 विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के संकल्प पत्र का अंतिम हिस्सा जारी करने के लिए मैं आप सबके सामने उपस्थित हुआ हूं। जैसे कि भाजपा की परंपरा है, हम चुनाव को बहुत गंभीरता से लेते हैं, चुनाव को जनसंपर्क का माध्यम भी मानते हैं। और चुनावों के माध्यम से बनने वाली सरकारों के नीति निर्धारण को निश्चित करने के लिए हम जनता के बीच जाकर चुनाव में भाजपा से उनकी क्या अपेक्षा है, ये जानकारी भी एकत्र करते हैं।