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26 February 2025

देशभर में महाशिवरात्रि की धूम; प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने दी शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाशिवरात्रि के अवसर पर शुभकामनाएं दीं और लोगों की समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाशिवरात्रि के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, "सभी देशवासियों को भगवान भोलेनाथ को समर्पित पावन-पर्व महाशिवरात्रि की असीम शुभकामनाएं। यह दिव्य अवसर आप सभी के लिए सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए, साथ ही विकसित भारत के संकल्प को सुदृढ़ करे, यही कामना है। हर-हर महादेव!"

<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="hi" dir="ltr">सभी देशवासियों को भगवान भोलेनाथ को समर्पित पावन-पर्व महाशिवरात्रि की असीम शुभकामनाएं। यह दिव्य अवसर आप सभी के लिए सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए, साथ ही विकसित भारत के संकल्प को सुदृढ़ करे, यही कामना है। हर-हर महादेव! <a href="https://t.co/4gYM5r4JnR">pic.twitter.com/4gYM5r4JnR</a></p>&mdash; Narendra Modi (@narendramodi) <a href="https://twitter.com/narendramodi/status/1894587839637328329?ref_src=twsrc%5Etfw">February 26, 2025</a></blockquote> <script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

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राष्ट्रपति मुर्मू ने शुभकामनाएं देते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे सभी पर कृपा करें और भारत की निरंतर प्रगति हो। उन्होंने सभी नागरिकों पर महादेव की कृपा की कामना की।

उन्होंने ट्वीट किया, "मैं सभी देशवासियों को महाशिवरात्रि के पावन पर्व की हार्दिक बधाई देती हूं। मेरी प्रार्थना है कि हम सब पर देवाधिदेव महादेव की कृपा बनी रहे तथा हमारा देश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहे।"

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी लोगों को शुभकामनाएं दीं और सभी के कल्याण की प्रार्थना की।

शाह ने ट्वीट किया, "हर-हर शिव! महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। शिव और शक्ति के मिलन का यह पर्व अध्यात्म, आत्मचिंतन और आस्था का महान पर्व है। मैं देवाधिदेव महादेव से सभी के कल्याण की प्रार्थना करता हूं।"

पौष पूर्णिमा का पहला अमृत स्नान 13 जनवरी को, इसके बाद 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर, 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर, 3 फरवरी को बसंत पंचमी, 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा और 26 फरवरी को आखिरी स्नान महा शिवरात्रि पर हुआ। 

महाकुंभ में कई अखाड़ों ने भाग लिया, जिनमें निरंजनी अखाड़ा, आह्वान अखाड़ा और जूना अखाड़ा शामिल हैं, जो संन्यासी परंपरा का सबसे बड़ा अखाड़ा है। शाही स्नान में अखाड़ों की अहम भूमिका होती है। अखाड़े शैव, वैष्णव और उदासी समेत विभिन्न संप्रदायों से जुड़े साधुओं के धार्मिक संगठन हैं। हर अखाड़े का अपना मुखिया होता है, जिसे 'महामंडलेश्वर' कहा जाता है।

महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए प्रयागराज जिला प्रशासन ने अतिरिक्त बल तैनात किया है तथा बेहतर प्रबंधन के लिए रेलवे और हवाई अड्डा अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया है।

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TAGS: Mahashivratri, mahakumbh 2025, president Draupadi Murmu, amit shah
OUTLOOK 26 February, 2025
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