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02 April 2025

पूंजीगत व्यय के सवाल पर सीतारमण का स्पष्टीकरण ‘अस्पष्ट और पेचीदा’: चिदंबरम

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कहा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूंजीगत व्यय पर उनके सवाल का ‘‘अस्पस्ट और पेचीदा’’ स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि आंकड़े ‘निर्णायक रूप से’ यह साबित करते हैं कि 2024-25 के दौरान पूंजीगत व्यय में ‘कटौती’ हुई है।

चिदंबरम ने राज्यसभा में सीतारमण द्वारा दिए गए जवाब पर प्रतिक्रिया देते हुए मंगलवार देर शाम एक बयान में यह बात कही।

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि सीतारमण ने एक साधारण प्रश्न का ‘अस्पस्ट और पेचीदा’ स्पष्टीकरण दिया है कि 2024-25 के बजट में पूंजीगत व्यय के लिए बजट अनुमान क्या था और वर्ष के अंत में अनुमान क्या है।

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चिदंबरम ने सवाल किया, ‘‘कटौती की गई है और मैंने राज्यसभा में पूछा कि कटौती के क्या कारण हैं? वित्त मंत्री को कारण गिनाने चाहिए थे और यह लोगों को तय करना है कि कारण स्वीकार्य हैं या नहीं। लेकिन, इसके बजाए उन्होंने बजट अनुमान और संशोधित अनुमान की तुलना पर ही सवाल उठा दिया है। मुझे आश्चर्य है कि माननीय वित्त मंत्री ने बजट अनुमान और संशोधित अनुमान की तुलना को ‘त्रुटिपूर्ण’ बताया है। अगर बजट अनुमान और संशोधित अनुमान तुलना के योग्य नहीं हैं, तो बजट दस्तावेजों में एक ही पृष्ठ पर दोनों संख्याओं को साथ-साथ क्यों सूचीबद्ध किया गया है?’’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने पूछा कि वित्त मंत्री राजकोषीय घाटे के बजट अनुमान (बीई) को राजकोषीय घाटे के संशोधित अनुमान (आरई) के साथ क्यों सूचीबद्ध करती हैं? उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य दुनिया को यह दिखाना है कि सरकार ने राजकोषीय घाटे के मूल अनुमान में ‘सुधार’ किया है।

चिदंबरम ने एक बयान में कहा, ‘‘यही तर्क सभी अनुमानों पर लागू होता है। जहां तक 2024-25 में पूंजीगत व्यय का सवाल है, तो आंकड़े निर्णायक रूप से साबित करते हैं कि 2024-25 में इसमें कमी (कटौती) की गई थी।’’

इससे पहले, पूंजीगत व्यय में कटौती किए जाने के विपक्ष के दावे को खारिज करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि इसमें कोई कमी नहीं की गई है, बल्कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए यह बढ़कर 11.21 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

वित्त मंत्री सीतारमण राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों का जवाब दे रही थीं। उन्होंने कहा कि 2024-25 में पूंजीगत व्यय 11.11 लाख करोड़ रुपये था।

वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘वास्तव में, इस वर्ष बजट में... यह बढ़कर 11.21 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इसलिए, पूंजीगत व्यय में कोई कटौती नहीं की गई है।’’ उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय के लिए 50-वर्षीय ब्याज मुक्त विशेष सहायता योजना के तहत राज्यों को दिए जाने वाले ऋण में भी आनुपातिक वृद्धि हुई है।

सीतारमण कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के एक सवाल का जवाब दे रही थीं। चिदंबरम ने सवाल किया था कि वित्त वर्ष 2025 के लिए संशोधित बजट अनुमान में पूंजीगत व्यय को 11.11 लाख करोड़ रुपये से घटाकर 10,18,429 करोड़ रुपये कर दिया गया।

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि पूंजीगत व्यय के लिए राज्यों को ब्याज मुक्त 50-वर्षीय विशेष सहायता की योजना 2020-21 में शुरू होने के बाद से राज्यों को जारी ऋण में वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि 2020-21 के लिए राज्यों को 9,912 करोड़ रुपये की विशेष सहायता मंजूर की गई थी, लेकिन वास्तविक आवंटन 11,830 करोड़ रुपये था। 2024-25 में 1,53,673 करोड़ रुपये मंजूर किए गए और 26 मार्च तक राज्यों को लगभग 1,46,362 करोड़ रुपये जारी किए गए।

बाद में चिदंबरम के एक सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए सीतारमण ने कहा कि पूंजीगत व्यय में कटौती के उनके दावे भ्रामक हैं और त्रुटिपूर्ण तुलनाओं पर आधारित हैं।

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TAGS: Nirmala Sitharaman's clarification, capital expenditure question, 'vague and confusing', P Chidambaram
OUTLOOK 02 April, 2025
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