महाराष्ट्र: मराठा आरक्षण पर निष्क्रियता के लिए भाजपा ने साधा विपक्षी नेताओं पर निशाना, जानिए क्या कहा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई ने शुक्रवार को विपक्षी दलों के गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) पर सत्ता में रहते हुए मराठा समुदाय की मांगों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
पार्टी की राज्य इकाई के प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर मुंबई में कार्यकर्ता मनोज जरांगे का आंदोलन शुरू होने पर, मराठा आरक्षण पर ‘निष्क्रियता’ के लिए एमवीए के घटक दलों राकांपा (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार, शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और कांग्रेस पर निशाना साधा।
उपाध्ये ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘एमवीए सरकार के दौरान, पवार, ठाकरे और कांग्रेस ने जानबूझकर मराठा समुदाय की अनदेखी की। आज भी, जब मनोज जरांगे ने ओबीसी आरक्षण को प्रभावित किए बिना आरक्षण की मांग की है, तो तीनों ने चुप रहना ही बेहतर समझा है।’
उन्होंने दावा किया कि पवार ने एक बार कहा था कि आरक्षण का मुद्दा आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए, लेकिन अब उन्होंने ‘भ्रामक और टालमटोल वाला रुख’ अपनाया है, जबकि शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ ने समुदाय के मौन मार्च को ‘मुक्का मोर्चा’ कहकर उनका मजाक उड़ाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक मराठों को सिर्फ वोट बैंक समझा है। उन्होंने कहा, ‘भाजपा का रुख स्पष्ट है। ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) कोटा छेड़े बगैर मराठों को आरक्षण मिलना चाहिए और इस दिशा में कानूनी तैयारियां जारी हैं।”