Advertisement
18 December 2016

चुनाव से पहले माया के खिलाफ शिकंजा कसने की तैयारी

चुनाव से पहले माया के खिलाफ शिकंजा कसने की तैयारी | गूगल

ऐसे में केंद्रीय एजेंसी का यह कदम राजनीतिक तूल पकड़ सकता है। मायावती के खिलाफ ये याचिकाएं विभिन्न व्यक्तियों की ओर दर्ज कराई गई हैं, जिसमें वित्तीय धांधली या टैक्स चोरी का आरोप लगाया गया है। इस मामले में विस्तृत जांच-पड़ताल के बाद आयकर विभाग की धारा 148 के तहत इन मामलों को दोबारा सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। जिन याचिकाओं को दोबारा सुनवाई के लिए वर्गीकृत किया गया है, उनमें 2012 में दर्ज कराई गई बीजेपी नेता किरीट सोमैया की शिकायत शामिल है, जिसमें उन्होंने मायावती के खिलाफ आर्थिक अनियमितता का आरोप लगाया था। कलराज मिश्र ने मायावती और उनके भाई आनंद कुमार पर फर्जी कंपनियां बनाने का आरोप लगाया था।

माया के खिलाफ पुराने मामलों को दोबारा खोलने का पत्राचार अक्टूबर के मध्य में शुरू हुआ था। इसमें माया और उनके भाई आनंद कुमार के खिलाफ बकाया 5 याचिकाओं पर तेजी से कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था। लखनऊ में आयकर विभाग महानिदेशालय ने मायावती, उनके परिवार और सलाहकारों के खिलाफ ये याचिकाएं गाजियाबाद/नोएडा में आयकर विभाग के प्रिंसिपल कमिश्नर को तत्काल और उचित कार्रवाई के लिए भेज दी हैं। लखनऊ के जांच विभाग में बकाया कुछ याचिकाओं को एक्स श्रेणी (जिसमें बड़ी धांधली की गई है) में रखा गया, जबकि कम गंभीर शिकायतों को वाई और जेड श्रेणी में रखा गया था। मायावती के फ्रेंड्स और फैमिली के खिलाफ एक याचिका को एक्स श्रेणी में रखा गया था। मायावती के भाई आनंद कुमार के खिलाफ 5 याचिकाओं को एक्स और वाई श्रेणी में रखा गया है।(एजेंसी)

TAGS: मायावती, आयकर विभाग, उत्तर प्रदेश, आयकर, चुनाव, राजनीति, याचिकाएं
OUTLOOK 18 December, 2016
Advertisement