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08 May 2024

कौन हैं सैम पित्रोदा? ये हैं उनकी पांच विवादित टिप्पणियां!

देश में लोक सभा चुनाव चल रहा है। तीन चरणों के मतदान हो चुके हैं। सरकार विपक्ष को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रही तो दूसरी ओर विपक्ष भी कई मुद्दों पर पीएम मोदी और भाजपा को आड़े हाथों ले रही है। वहीं, इन्हेरीटेंस टैक्स के बाद अब कांग्रेस ओवरसीज प्रेसिडेंट सैम पित्रोदा ने एक और विवादित बयान दे दिया है। 

दरअसल अंग्रेजी अखबार ‘द स्टेट्समैन’ को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में पित्रोदा ने उत्तर भारत के लोगों की तुलना गोरों, पश्चिम में रहने वालों की तुलना अरब, पूर्व में रहने वाले लोगों की तुलना चाइनीज और दक्षिण भारत में रहने वालों की तुलना अफ्रीकियों से कर दी। पित्रोदा के बयान के बाद राजनीतिक गलियारे में चर्चा तेज गई और भाजपा फिर से कांग्रेस पर हमलावर हो गई है।

गौरतलब है कि पित्रोदा समय समय पर ऐसी टिप्पणियां करते रहते हैं जिससे वह सुर्खियों में आ जाते हैं। आईए जानते हैं कि आखिर सैम पित्रोदा कौन हैं और उनके वो बयान जिससे खूब विवाद पैदा हुआ।

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कौन हैं सैम पित्रोदा?

शिकागो में रहने वाले 81 वर्षीय सैम पित्रोदा इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। पित्रोदा को भारत के सूचना क्रांति का जनक माना जाता है। यूपीए सरकार के कार्यकाल में वह तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए यूएन में प्रधानमंत्री का सलाहकार भी रह चुके हैं। पित्रोदा जन सूचना संरचना और नवप्रवर्तन सलाहकार भी रह चुके हैं। पित्रोदा कांग्रेस के अध्यक्ष होने के अलावा एक बिजनेसमैन भी हैं। वह अमेरिका में कई कंपनियां चलाते हैं। पित्रोदा इंदिरा गांधी के युग से ही कांग्रेस के साथ जुड़ गए थे। उन्हें राजीव गांधी का करीबी भी कहा जाता है। उन्हीं की सरकार में पित्रोदा ने आईटी उद्योग के निर्माण में मदद के लिए तत्कालीन सरकार के साथ मिलकर काम किया था।

ओडिशा के टिटलागढ़ में जन्मे सैम पित्रोदा का पूरा नाम सत्यनारायण गंगाराम पित्रोदा है। उन्होंने अपनी शुरूआती पढ़ाई गुजरात के वल्लभ विद्यानगर से पूरी की है। साल 1964 में पित्रोदा अमेरिका चले गए जहां पर उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। 1981 में भारत लौटकर उन्होंने देश की टेली कम्यूनिकेशन सिस्टम को मॉर्डन बनाना चाहा।

पित्रोदा की पांच विवादित टिप्पणियां जिससे वो सुर्खियों में आ गए-

•जून 2023 में पित्रोदा ने कहा था कि मंदिरों से देश की बेरोजगारी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी दिक्कतों का समाधान नहीं होगा, इन मुद्दों पर कोई बात नहीं करता। हर कोई राम और हनुमान मंदिर की बातें करता है।

•सैम पित्रोदा ने 'द स्टेटमेंट' को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में भारत को विविधतापूर्ण देश बताया। उन्होंने कहा, "जहां पूर्व के लोग चीनी जैसे दिखते हैं। पश्चिम के लोग अरब जैसे। उत्तर के लोग गोरे और दक्षिण के लोग अफ्रीका जैसे दिखते हैं।" 

•पित्रोदा ने कुछ दिन पहले विरासत टैक्स के कानून को रोचक और भारत के लिए जरूरी बताया था। पित्रोदा ने कहा कि अमेरिका में विरासत टैक्स लगता है। यानी किसी शख्स के मरने के बाद उसकी संपत्ति का कुछ हिस्सा उसके बच्चों को दिया जाता है, जबकि एक बड़ा हिस्सा सरकार अपने पास रख लेती है। 

•सैम पित्रोदा के 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान दिए एक बयान के बाद भी काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी। 1984 सिख दंगों को लेकर बीजेपी ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के इशारे पर सिख दंगे हुए थे जिस पर सैम पित्रोदा ने कहा कि '84 में हुआ तो हुआ। आपने 5 साल में क्या किया?' पित्रोदा ने कहा था, "अब 1984 के बारे में क्या कहना है? पिछले 5 वर्षों में आपने क्या किया इसके बारे में बात करें। 1984 में जो हुआ वह हो गया। लेकिन आपने क्या हासिल किया है?" इसके बाद भाजपा सहित अन्य दलों ने पित्रोदा के बयान को गलत बताया जिसके बाद उन्हें कांग्रेस से माफी मांगनी पड़ी थी।

•साल 2018 में पुलवामा में हुए अटैक के बाद पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक को लेकर भारत सरकार के एक्शन पर सवाल उठाते हुए कहा था कि पुलवामा जैसे हमले होते रहते हैं। इसके बारे में मैं ज्यादा नहीं जानता। उन्होंने कहा था कि मुंबई में भी हमला हुआ था।

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OUTLOOK 08 May, 2024
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