आरईसीपीडीसीएल ने 'उमरेड पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड' का हस्तांतरण महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी को किया
महाराष्ट्र के अंतरा-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट की एसपीवी ‘उमरेड पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड’ का हस्तांतरण महाराष्ट्र राज्य विद्युत पारेषण कंपनी लिमिटेड को आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (आरईसीपीडीसीएल), जो कि आरईसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में एक महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम (सीपीएसयू) है, ने महाराष्ट्र के अंतरा-राज्यीय ट्रांसमिशन सिस्टम (इनएसटीएस) परियोजना के अंतर्गत स्थापित परियोजना-विशेष कंपनी (एसपीवी) ‘उमरेड पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड’ का सफल बोलीदाता महाराष्ट्र राज्य विद्युत पारेषण कंपनी लिमिटेड को 26 फरवरी 2026 को औपचारिक रूप से हस्तांतरण कर दिया।
यह परियोजना टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) प्रक्रिया के माध्यम से आवंटित की गई। आरईसीपीडीसीएल ने इस प्रक्रिया में बोली प्रक्रिया समन्वयक (बिड प्रोसेस कोऑर्डिनेटर) की भूमिका निभाई। प्रतिस्पर्धी बोली के उपरांत महाराष्ट्र राज्य विद्युत पारेषण कंपनी लिमिटेड को इस परियोजना के विकास हेतु चयनित किया गया। परियोजना का क्रियान्वयन ‘बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर’ (बूट) मॉडल के आधार पर किया जाएगा।
एसपीवी का हस्तांतरण आरईसीपीडीसीएल के वरिष्ठ महाप्रबंधक एवं विभागाध्यक्ष (ट्रांसमिशन एवं वितरण) श्री विजय कुलकर्णी द्वारा महाराष्ट्र राज्य विद्युत पारेषण कंपनी लिमिटेड की कंपनी सचिव सुश्री विनीता श्रीवाणी एवं मुख्य अभियंता (टीबीसीबी) श्री अमित नाइक को किया गया। इस अवसर पर दोनों संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी तथा महाराष्ट्र राज्य ट्रांसमिशन यूटिलिटी (एसटीयू) के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। परियोजना की निर्धारित कार्यान्वयन अवधि 24 माह है।
इस योजना के अंतर्गत उमरेड में 400/220/132 केवी क्षमता का एक नवीन सबस्टेशन स्थापित किया जाएगा। साथ ही उमरेड (नवीन) से अतिरिक्त बुटीबोरी (प्रस्तावित) तक लगभग 51 किलोमीटर लंबी 220 केवी डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन तथा कोलारी (विद्यमान) से उमरेड (नवीन) तक लगभग 38 किलोमीटर लंबी 132 केवी डबल सर्किट लाइन का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 400/220/132 केवी स्तर पर विभिन्न लाइनों की लीलो (लाइन-इन, लाइन-आउट) व्यवस्था एवं अन्य संबद्ध कार्य भी इस परियोजना में शामिल हैं।
आरईसी लिमिटेड के बारे में
आरईसी लिमिटेड एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) है, जो देशभर में विद्युत क्षेत्र के वित्तपोषण एवं विकास में सक्रिय भूमिका निभा रही है। वर्ष 1969 में स्थापित आरईसी लिमिटेड ने अपने कार्य संचालन के 55 से अधिक वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। यह उत्पादन, ट्रांसमिशन एवं वितरण सहित संपूर्ण विद्युत मूल्य श्रृंखला के विभिन्न परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं भी शामिल हैं। हाल के वर्षों में आरईसी ने ऊर्जा क्षेत्र से इतर अवसंरचना एवं लॉजिस्टिक्स के क्षेत्रों—जैसे हवाई अड्डे, मेट्रो, रेल, बंदरगाह एवं पुल—में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
आरईसीपीडीसीएल के बारे में
आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (आरईसीपीडीसीएल), आरईसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो विभिन्न राज्यों की विद्युत वितरण कंपनियों एवं ऊर्जा विभागों को ज्ञान-आधारित परामर्श सेवाएं तथा परियोजना क्रियान्वयन में विशेषज्ञ सहयोग प्रदान करती रही है। आरईसीपीडीसीएल ने जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख केंद्रशासित प्रदेशों में भी ट्रांसमिशन परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इसके अतिरिक्त, आरईसीपीडीसीएल अंतर-राज्यीय एवं राज्यांतर्गत ट्रांसमिशन परियोजनाओं तथा रीबंडलिंग परियोजनाओं के लिए टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) प्रक्रिया के अंतर्गत बोली प्रक्रिया समन्वयक (बीपीसी) के रूप में कार्य कर रही है। अपनी विशेषज्ञ परामर्श, परियोजना कार्यान्वयन एवं लेनदेन सलाहकारी सेवाओं के माध्यम से आरईसीपीडीसीएल देश के विद्युत क्षेत्र की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।