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19 October 2015

वालमार्ट पर भारत में करोड़ों डॉलर रिश्वत देने का आरोप

गूगल

वाल स्टीट जर्नल ने एक खबर में कहा भारत में वालमार्ट द्वारा जिस संदिग्ध रिश्वत मामले का खुलासा हुआ है उसमें निम्न पदों पर तैनात स्थानीय कर्मचारियों को छोटी-छोटी राशि का हजारों बार भुगतान किया गया ताकि सीमाशुल्क विभाग से सामान छुड़ाया जा सके या जमीन-जायदाद संबंधी मंजूरी प्राप्त की जा सके।

अखबार ने कहा कि भारी संख्या में 200 डॉलर से भी कम के भुगतान कई बार किए गए... कई बार तो पांच डॉलर तक की भी रिश्वत दी गई... लेकिन कुल मिलकर यह राशि करोड़ों डॉलर होगी। खबर में कहा गया कि वालमार्ट ने 2013 में भारती एंटरप्राइजेज लिमिटेड के साथ संयुक्त उद्यम में खुदरा दुकानें खोलने की योजना रद्द कर दी और बजाय इसके उसने भारत में सिर्फ थोक विक्रेता बनने का फैसला किया। वालमार्ट पिछली संप्रग सरकार पर बहु-ब्रांड खुदरा क्षेत्र को खोलने के लिए दबाव बना रही थी और वह इस संबंध में अमेरिकी कांग्रेस में लॉबिंग भी कर रही थी। यह बात अमेरिकी संसद की विभिन्न रपटों में कही गई है।

खबर के मुताबिक वालमार्ट की व्यापक पैमाने पर रिश्वत देने की कोशिश के लिए उसे अमेरिका के विदेशी भ्रष्ट व्यवहार अधिनियम (एफसीपीए) के प्रावधानों के मुताबिक दंडित नहीं किया जा सकता क्योंकि उसे भारतीय परिचालन से कोई मुनाफा नहीं हुआ है। अखबार ने इस घटनाक्रम से जुड़े लोगों के हवाले से कहा कि एफसीपीए के तहत जुर्माना अक्सर कथित भ्रष्ट गतिविधियों से अर्जित आय की राशि से संबद्ध होता है। भारत में किए गए भुगतान पर कोई बड़ा जुर्माना नहीं लगेगा क्योंकि वहां वालमार्ट का परिचालन मुनाफे में नहीं रहा। वालमार्ट के मुख्यालय से भारत में रिश्वत दिए जाने की खबर पर कोई टिप्पणी नहीं मिल सकी।

TAGS: वालमार्ट, भारत, बहुराष्ट्रीय खुदरा कंपनी, रिश्वत, करोड़ों डॉलर, वाल स्ट्रीट जर्नल, Walmart, India, multinational retail company, bribes, millions of dollars, The Wall Street Journal
OUTLOOK 19 October, 2015
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