ब्रिटिश उच्चायुक्त ने भारत से कहा, मिशेल को दिया जाए कॉन्सुलर एक्सेस
ब्रिटेन सरकार ने भारत सरकार से मिशेल की हिरासत और प्रत्यर्पण के बारे में तत्काल जानकारी मांगी है तथा कॉन्सुलर एक्सेस मुहैया कराने जाने के लिए कहा है।
ब्रिटेन के विदेश और राष्ट्रमंडल कार्यालय के प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए कहा कि हमारा स्टाफ यूएई में हिरासत के बाद से ही ब्रिटिश नागरिक के परिवार की मदद कर रहा है। हम परिवार और यूएई अधिकारियों के संपर्क में हैं। साथ ही भारतीय अधिकारियों से उसकी हालत के बारे में तत्काल जानकारी मांगी है।
अगस्ता वेस्टलैंड डील मामले के बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल को मंगलवार देर रात सीबीआई दुबई से प्रत्यर्पण पर भारत लाई थी। अगले दिन बुधवार को मिशेल को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया था। इसके बाद उन्हें 5 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया। भारतीय जांच एजेंसी को 3600 करोड़ रुपये के हेलीकॉप्टर डील मामले में काफी दिनों से ब्रिटिश नागरिक मिशेल की तलाश थी।
सह-आरोपियों के साथ मिलकर साजिश का आरोप
सीबीआई के मुताबिक, मिशेल पर इस डील में सह-आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप है। सह-आरोपी में तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी और उनके परिवार के सदस्य शामिल हैं। इसके तहत अधिकारियों ने वीवीआईपी हेलीकॉप्टर की ऊंचाई 6000 मीटर से घटाकर 4500 मीटर कर अपने सरकारी पद का दुरुपयोग किया। भारत सरकार ने आठ फरवरी 2010 को रक्षा मंत्रालय के जरिए ब्रिटेन की अगस्ता वेस्टलैंड इंटरनेशनल लिमिटेड को लगभग 55.62 करोड़ यूरो का ठेका दिया था।
ईडी कर चुकी है जून, 16 चार्जशीट दाखिल
ईडी ने मिशेल के खिलाफ जून, 2016 में दाखिल अपने चार्जशीट में कहा था कि मिशेल को अगस्ता वेस्टलैंड से 225 करोड़ रुपये मिले थे। चार्जशीट के मुताबिक वह राशि और कुछ नहीं बल्कि कंपनी की ओर से दी गयी रिश्वत थी।
दुबई सरकार ने मिशेल के प्रत्यर्पण की मंजूरी दी थी। इससे पहले इस कदम के खिलाफ की गई मिशेल की अपील को भी अदालत ने खारिज कर दिया था। मिशेल दुबई में अपनी गिरफ्तारी के बाद से जेल में था। उसे यूएई में कानूनी और न्यायिक कार्यवाही के लंबित रहने तक हिरासत में भेज दिया गया था।