Advertisement
17 February 2015

जापान से सीखे भारत

गूगल

 इसी का नतीजा है कि जापान में गैस स्टेशन से ज्यादा इलेक्ट्रिक कार के चार्जिंग प्वाइंट हो गए हैं। जापान की दूसरी सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी निसान मोटर्स के अनुसार इलेक्ट्रिक कार के लिए देश भर में अब 40 हजार चार्जिंग प्वाइंट्स हैं जबकि पेट्रोल स्टेशनों की तादाद 34 हजार है। इनमें वे चार्जिंग प्वाइंट्स भी शामिल हैं जो लोगों के घरों के अंदर हैं। बहरहाल, गैस स्टेशनों में एक से ज्यादा पंप हैं और वे बहुत ज्यादा कारों को सेवा दे सकते हैं। इस तरह ये आंकड़े जापान में पर्यावरणोन्मुखी कार के लिए बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के प्रयासों को रेखांकित करते हैं। जापान लंबे समय से इस क्षेत्र में विश्व में अगुआ रहा है।

निसान के अनुसार देश में इलेक्ट्रिक कार की मांग बढ़ रही है जबकि उसकी प्रतिस्पर्धी कार निर्माता कंपनी टोयोटा का कहना है कि उसने आम आदमी के इस्तेमाल के लिए जो हाइड्रोजन ईंधन पर आधारित कार मिराइ सेडान उतारी है उसके लिए ऑर्डर का सैलाब आ गया है। ऐसी कार को पर्यावरणोन्मुखी कार के हिसाब से आदर्श माना जाता है। ऐसी कारें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच की रासायनिक प्रतिक्रिया से ऊर्जा हासिल करती हैं और इसके एग्जहास्ट में पानी के अलावा कोई हानिकारक रसायन नहीं निकलता।

TAGS: पर्यावरण, कारें, इलेंक्ट्रिक कारें, चार्जिंग, जापान
OUTLOOK 17 February, 2015
Advertisement