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07 March 2015

मोदी की यात्रा से पहले श्रीलंका का झटका

भारत श्रीलंका के समक्ष मछुआरों का मुद्दा मजबूती के साथ उठाएगा

भारत का कहना है कि वह श्रीलंका के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तरीय बातचीत में मछुआरों का मुद्दा मजबूती के साथ उठाएगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने बताया कि भारत और श्रीलंका इस भावनात्मक मुद्दे को मानवीय मुद्दे के तौर पर ले रहे हैं। यह ऐसा मुद्दा नहीं है, जिसका तुरंत- फुरंत समाधान हो सके, लेकिन हम मित्र और नौवहन पड़ोसी के तौर पर इस पर काम कर रहे हैं।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की यहां श्रीलंका के नेतृत्व के साथ बातचीत से पहले उन्होंने कहा हमें शांतिपूर्ण और दोस्ताना तरीके से इसके समाधान की उम्मीद है। दो-दिवसीय दौरे पर सुषमा यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी यात्रा के लिए आधार तैयार करने आई हैं। बीते 25 साल में भारतीय प्रधानमंत्री का यह श्रीलंका का पहला  द्विपक्षीय दौरा होगा।

सुषमा ने शुक्रवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना से मुलाकात की। राष्ट्रपति ने सुषमा को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार भारत के साथ संबंध मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों  ने बताया कि मछुआरों के मुद्दे पर श्रीलंका के प्रधानमंत्री के बयान पर भी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अपने श्रीलंकाई समकक्ष मंगला समरवीरा के साथ मुलाकात के दौरान चर्चा करेंगी।

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उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री श्रीलंका में अपने समकक्ष और प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे के साथ बातचीत के दौरान मछुआरों का मुद्दा उठाएंगी। पिछले माह भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी और अपहरण के कई मामले हुए हैं।

श्रीलंका के मछुआरे शिकायत करते हैं कि नयी सरकार बनने के बाद से भारतीय मछुआरों द्वारा अवैध तरीके से मछली पकड़ने के लिए देश के जल क्षेत्र में प्रवेश करने की घटनाएं बढ़ी हैं। अपने देश के जल क्षेत्र में अवैध तरीके से मछली पकड़ने के आरोप में श्रीलंका की नौसेना कम से कम 86 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार कर उनकी 10 नौकाएं जब्त कर चुकी है।

TAGS: श्रीलंका, भारत, सैयद अकबरूद्दीन, प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे, उत्तरी श्रीलंका, सुषमा स्वराज, नरेंद्र मोदी, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना, मछुआरें
OUTLOOK 07 March, 2015
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