Advertisement
01 October 2016

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने भारत और पाक के बीच मध्यस्थता का प्रस्ताव रखा

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का प्रस्ताव रखा | गूगल

वैश्विक संस्था के महासचिव बान के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर बताया, महासचिव हालिया घटनाओं, विशेष तौर पर 18 सितंबर को उड़ी में भारतीय सैन्य अड्डे पर हमले के बाद नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम के उल्लंघन की खबरों के मद्देनजर दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव को लेकर बहुत चिंतित हैं। बयान में कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने दोनों देशों से अधिकतम संयम बरतने और तनाव कम करने के लिए तुरंत कदम उठाने का आग्रह किया है। बान ने भारत और पाकिस्तान की सरकारों से कश्मीर समेत आपसी मसलों को कूटनीति एवं वार्ता के जरिये शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की अपील की है। उन्होंने दोनों देशों से कहा कि यदि दोनों पक्ष स्वीकार करते हैं तो वह मध्यस्थता के लिए उपलब्ध हैं।

उल्लेखनीय है कि भारत ने 28 और 29 सितंबर की दरम्यानी रात नियंत्रण रेखा के पार जाकर आतंकी ठिकानों पर लक्षित हमला किए थे। भारतीय सेना ने कश्मीर के उड़ी स्थित सैन्य अड्डे पर पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के हमले के बाद यह कार्रवाई की। संयुक्त राष्ट्र भारत और पाकिस्तान के बीच विवादास्पद क्षेत्र में लंबे समय से अपनी संस्थागत उपस्थिति बनाए हुए है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् के 1971 के प्रस्ताव 307 के आदेश के अनुसार भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र का सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) दोनों देशों के बीच कामकाजी रेखा एवं नियंत्रण रेखा पर और उसके पार संघर्षविराम उल्लंघनों पर नजर रखता है और इसकी सूचना देता है।

TAGS: संयुक्त राष्ट्र संघ, संयुक्त राष्ट्र, महासचिव बान की मून, भारत, पाकिस्तान, विवाद, मध्यस्थ, परमाणु हथियार, पड़ोसी देश, तनाव, उड़ी आतंकी हमला, नियंत्रण रेखा, संघर्ष विराम उल्लंघन, United Nations, Secretary General Ban Ki Moon, India, Pakistan, Dispute, Mediator, Atomic W
OUTLOOK 01 October, 2016
Advertisement