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03 March 2019

मसूद अजहर के छोटे भाई मौलाना अम्मार ने माना, एयर स्ट्राइक में तबाह हुआ जैश का ट्रेनिंग कैंप

आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के भाई अम्मार का एक कथित ऑडियो सामने आया है जिसमें उसने माना है कि उसके ठिकाने पर भारतीय वायुसेना ने हमला किया था।  इससे पहले पाकिस्तान सरकार ने भारतीय वायुसेना की कार्रवाई में किसी तरह के नुकसान की खबर को खारिज किया था।

यह ऑडियो 28 फरवरी का है, जिसमें मौलाना अम्मार ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक में बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों के तबाह होने की बात कह रहा है। यह ऑडियो पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार ताहा सिद्दीकी ने ट्वीट किया है।

ऑडियो के मुताबिक, अम्मार ने माना कि भारत ने किसी एजेंसी की बिल्डिंग पर हमला नहीं किया या किसी एजेंसी के मुख्यालय पर हमला नहीं किया बल्कि भारत ने उस जगह को निशाना बनाया जहां एजेंसी के लोग आकर मीटिंग करते थे। जहां तालिब इल्म जिहाद को समझते थे और कश्मीर की मदद को अपने लिए फर्ज करार देते थे। भारत ने एक मर्कज पर हमला किया। बता दें कि मर्कज एक तरह का धार्मिक सेंटर होता है, जहां जिहाद के बारे में पढ़ाया जाता है।

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इसके अलावा उसने कहा, 'यह किसी एजेंसी का जेहाद नहीं है कि वे अपनी सीमा से बाहर आए और हम पर हमला किया। भारत चाहता है कि हम उसके खिलाफ हमारा जेहाद शुरू करें।'


 

इससे पहले पाकिस्तान और पश्चिमी मीडिया में इस तरह के सवाल कई बार उठ चुके हैं कि क्या वाकई में भारतीय कार्रवाई में आतंकी ठिकानों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन मसूद अजहर के छोटे भाई की यह रिकॉर्डिंग इस बात को मान रही है कि आतंकी ठिकानों को पर्याप्त नुकसान हुआ है।

भारत ने सीमा पार आतंकी कैंपों को बनाया था निशाना

बता दें पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने सीमा पार छुपे बैठे जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। वायुसेना के विमानों ने नियंत्रण रेखा के पार आतंकी कैंपों पर करीब 1000 किलोग्राम के बम बरसाए थे। ऐसा कहा जा रहा है कि इस हमले में करीब 200-300 आतंकियों की मौत हो गई। हालांकि सरकार ने इस संबंध में कोई आंकड़े जारी नहीं किया है। हालांकि पाक की ओर से कहा गया है कि हमले में उनका जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है।

आतंकवाद के लिए अपनी जमीन इस्तेमाल नहीं होने देगा पाकः कुरैशी

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने दावा किया है कि उनका देश भारत सहित किसी भी देश के खिलाफ आतंकवाद के लिए अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देगा। साथ ही कहा है कि जैश-ए- मोहम्मद आतंकी समूह के ‘मुख्य केंद्र’’ को सरकार ने कब्जे में ले लिया है। बुधवार को भारत ने पाकिस्तान को एक डोजियर सौंपा था जिसमें पुलवामा हमले में जैश-ए-मोहम्मद के शामिल होने और पाकिस्तान में इस आतंकी समूह के शिविरों की मौजूदगी का ‘खास ब्यौरा’ था। जैश-ए- मोहम्मद संयुक्त राष्ट्र से प्रतिबंधित आतंकी संगठन है।

'हम भारत से बात करने के लिए तैयार हैं'

विदेश मंत्री कुरैशी ने कहा, ‘भारत ने अपना डोजियर सौंपा। यदि भारत इस पर बात करना चाहता है तो हम इसके लिए तैयार हैं।’ उन्होंने कहा कि देश में नयी सोच और नए रुख वाली नयी सरकार है और इसकी नीतियां बिल्कुल साफ हैं। हम किसी भी समूह या संगठन को भारत सहित किसी भी देश के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल नहीं करने देंगे।

'अजहर के खिलाफ ठोस सबूत दे भारत'

पुलवामा हमले को लेकर जैश-ए-मोहम्मद की जिम्मेदारी लेने पर कुरैशी ने कहा कि  इस बारे में ‘अब भी भ्रम’ है कि जैश ने हमले की जिम्मेदारी ली है या नहीं। इस बारे में भ्रम यह है कि जब जैश नेतृत्व से बात की गई तो उन्होंने हमले में अपना हाथ होने से इनकार किया।’

इससे पहले कुरैशी ने एक इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर पाकिस्तान में है और ‘बहुत बीमार’ है, लेकिन कहा कि सरकार उसके खिलाफ तभी कार्रवाई कर सकती है जब भारत ऐसे ठोस सबूत दे जो अदालत में टिक सकें। कुरैशी ने कहा था, ‘मेरी जानकारी के अनुसार मसूद पाकिस्तान में है। वह इस हद तक बीमार है कि उसका घर से बाहर निकलना भी मुश्किल है, क्योंकि वह वास्तव में बीमार है।’

 

 

 

 

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TAGS: Jaishe Mohammad leader, ammar, accepts, Indian planes, targeting their center, Balakot, Indian Air Force pilot, Abhinandhan, Pakistanis, jihad, Kashmir
OUTLOOK 03 March, 2019
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