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06 December 2021

बांग्लादेश की मुक्ति: दोस्ती के 50 साल पूरे होने पर भारत और बांग्लादेश ने मनाया 'मैत्री दिवस'

आज ही के दिन भारत ने बांग्लादेश को एक नए राष्ट्र के रूप में मान्यता दी थी और अब इसको 50 साल पूरे हो गए हैं। भारत बांग्लादेश को मान्यता देने वाला दुनिया का पहला देश है। बांग्लादेश की मुक्ति से दस दिन पहले 6 दिसंबर को, भारत ने औपचारिक रूप से इस नए देश को स्वीकार करने का फैसला किया था। इस दिन को दोनों देशों द्वारा प्रत्येक वर्ष 'मैत्री दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। ऐसा करने से 1971 में बांग्लादेश की पाकिस्तान से हुए स्वतंत्रता-युद्ध और इसकी मुक्ति में भारत की भूमिका की स्मृति में एक और परत जुड़ जाएगी। मैत्री दिवस मनाने का फैसला दोनों प्रधानमंत्रियों ने इस साल मार्च में नरेंद्र मोदी की ढाका यात्रा के दौरान लिया था।

विदेश कार्यालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने निर्णय की घोषणा करते हुए कहा, "मैत्री दिवस का आयोजन भारत और बांग्लादेश के लोगों के बीच गहरी और स्थायी दोस्ती का प्रतिबिंब है, जो खून और साझा बलिदान से जुड़ी है।"

सोमवार को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए भारत और बांग्लादेश के बीच 'दोस्ती के 50 साल' को याद किया। उन्होंने लिखा, "आज भारत और बांग्लादेश मैत्री दिवस मनाते हैं। हम अपनी 50 साल की दोस्ती की नींव को संयुक्त रूप से याद करते हैं और मनाते हैं। हमारे संबंधों को और विस्तार देने और गहरा करने के लिए, मैं आदरणीय प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ काम करना जारी रखने के लिए तत्पर हूं।"

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यह अवसर दुनिया भर के 18 देशों में मनाया जाएगा। यूके, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, बेल्जियम, कनाडा, मिस्र, इंडोनेशिया, रूस, कतर, फ्रांस, जापान, मलेशिया, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, स्विट्जरलैंड, थाईलैंड, यूएई और यू.एस में भारतीय या बांग्लादेशी प्रतिनिधियों द्वारा इस अवसर पर, प्रदर्शनियां और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। 

शेख हसीना और उनकी सत्तारूढ़ पार्टी अवामी लीग भारत और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका को कृतज्ञता के साथ याद करते हैं। विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के रुख के विपरीत, शेख हसीना ने भारत के साथ दोस्ती को इस क्षेत्र में अपनी विदेश नीति का केंद्र-चरण बनाया है। इस नीति से दोनों देशों को बराबर लाभ हुआ है। हालांकि, विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और उसके सहयोगी पार्टी जमात नई दिल्ली से तथाकथित हुक्म लेने के लिए उनका लगातार उपहास उड़ाते हैं। लेकिन पिछले एक दशक में और शेख हसीना के शासन में मुख्य विपक्षी दलों की कमर टूट गई है। खालिदा जिया अब गंभीर रूप से बीमार हैं और भ्रष्टाचार की दोषी हैं। उनके बेटे और उनके उत्तराधिकारी को भी भ्रष्टाचार का दोषी ठहराया गया है। वह और उनका परिवार यूके में रह रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता अदालती मामले लड़ने में व्यस्त हैं और वर्तमान में बीएनपी के पास ऐसा कोई नहीं है जो उसे लेकर आगे बढ़ सके।

भारत और बांग्लादेश के संबंध दोनों पड़ोसियों के बीच बेहतर संपर्क के साथ फले-फूले हैं। हालांकि, परिस्थितियां अभी भी प्रतिकूल हैं लेकिन अभी तक दोनों देशों में राजनीतिक नेतृत्व ने उल्लेखनीय परिपक्वता का प्रदर्शन किया है। हाल ही में कोमिला में एक दुर्गा पूजा पंडाल पर हमले के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा से त्रिपुरा जैसे राज्यों में भी काउंटर-अटैक देखने को मिला और कई राज्यों में भी इसका विरोध प्रदर्शन हुआ। एनआरसी और नागरिकता संशोधन अधिनियम पर नई दिल्ली के आश्वासन के बावजूद, बांग्लादेश में लोगों ने मुख्य रूप से जमात और बीएनपी ने शेख हसीना और भारत दोनों पर हमला करने के लिए इसका फायदा उठाने की कोशिश की है।

चीन भी बांग्लादेश में अपनी जड़ें फैला रहा है जैसा कि उसने पूरे पड़ोस में किया है। भविष्य में यह सब कैसे होता है यह देखा जाना बाकी है। लेकिन उच्चतम स्तर पर भारत और बांग्लादेश दोनों के नेतृत्व जानते हैं कि संबंधों में गति बनाए रखना क्षेत्र के विकास के लिए एक 'विन-विन' की स्थिति है। नई दिल्ली अब तक बांग्लादेश को अपनी घरेलू राजनीति से बचाने में सफल रही है, हालांकि, यह देखना बाकी है हिंदुत्ववादी ताकतों को नियंत्रण में रखकर ऐसा जारी रखना कबतक संभव होता है।

 

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TAGS: India and Bangladesh friendship, Maitri Divas, Friendship day, India and bangladesh relation, Mukti Diwas, 50 years of Bangladesh independence, Narendra Modi, Shaikh Haseena
OUTLOOK 06 December, 2021
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