नागरिकों के पैसे से हुए इस भव्य आयोजन की चकाचौंध भले ही जितनी टीवी स्क्रीन पर जगमग हो, लेकिन आम दिल्ली वासी, आम नागरिक और सामान्य मीडिया की पहुंच से रहा सारा आयोजन बाहर
चंद्रधर शर्मा ‘गुलेरी’ की कहानी ‘उसने कहा था’ सौ साल की हो गई है। यह सिर्फ प्रेम कहानी नहीं है, बल्कि मासूम प्रेम की अभिव्यक्ति है। उसने कहा था गुलेरी जी ने सन 1915 में लिखी थी। सौ साल बाद भी इस कहानी की न रुमानियत खत्म हुई न मासूमियत।
दिल्ली में बलात्कार पीड़िता की ‘टू फिंगर जांच’ की अनुमति देने के एक दिन बाद ही आम आदमी पार्टी की सरकार ने चौतरफा विरोध के बाद इससे हाथ पीछे खींच लिए हैं।