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18,000 करोड़ का नुकसान पर मोदी सरकार बैंकों को और धन देगी

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सरकारी बैंकों का पूंजी-आधार और मजबूत करने के लिए उन्हें और धन मुहैया कराने की सरकार की प्रतिबद्धता जतायी है। जेटली ने सोमवार को कहा कि पिछले वित्त वर्ष में इन बैंकों को जो 18,000 करोड़ रुपये का संचयी नुकसान हुआ वह मुख्य तौर पर वसूल न किए जा सकने वाले रिण (एनपीए) के लिए ऊंचे पूंजी प्रावधान के कारण है।
18,000 करोड़ का नुकसान पर मोदी सरकार बैंकों को और धन देगी

वित्त मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों को वस्तुत: 2015-16 में 1.40 लाख करोड़ रुपये का परिचालन लाभ हुआ। उनका कथन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों के प्रदर्शन को उतना बुरा नहीं मानती जितना बुरा उसे पेश जा रहा है।

जेटली ने यहां बैंकिंग क्षेत्र के प्रदर्शन की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के लिए इस वित्त वर्ष में 25,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। जरूरत पड़ने पर उन्हें और धन मुहैया कराया जा सकता है। जेटली ने कहा,  सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों का कुल परिचालन लाभ काफी अच्छा रहा। यह 1.40 लाख करोड़ रपए से अधिक रहा। ऊंचे पूंजी-प्रावधान करने की जरूरत के कारण ही सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों को करीब 18,000 करोड़ रपये का नुकसान हुआ है। पूंजी-प्रावधान का बड़ा हिस्सा पिछले वित्त वर्ष की आखिरी दो तिमाहियों में किया गया है।

बैठक में वसूली में अटके रिणों (एनपीए) के स्टैंड अप इंडिया तथा मुद्रा जैसी वित्तीय समावेश की योजनाओं,  उद्योग को रिण प्रवाह और बैंकिंग क्षेत्र के विस्तार जैसे विषयों की समीक्षा की गयी।

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