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दिल्ली हिंसाः हाई कोर्ट ने दी अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार की मंजूरी

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा के दौरान मारे गए लोगों के नामों के प्रकाशन...
दिल्ली हिंसाः हाई कोर्ट ने दी अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार की मंजूरी

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा के दौरान मारे गए लोगों के नामों के प्रकाशन की तारीख से दो सप्ताह बाद अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार की मंजूरी दे दी है। इससे पहले हाईकोर्ट ने सरकारी अस्पतालों को 11 मार्च तक अज्ञात शवों को संरक्षित रखने, शवों का डीएनए नमूना लेने और पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराने को कहा था।

जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रजनीश भटनागर की पीठ ने यह भी कहा कि संबंधित निकाय ऐसे व्यक्तियों को बुलाएंगे, जिन्होंने अपने परिजनों के गायब होने आदि के बारे में शिकायत की है ताकि अज्ञात शवों की पहचान हो सके।

'फोन पर दें शवों की जानकारी'

कोर्ट ने निर्देश दिया कि प्रतिवादी (दिल्ली पुलिस) को शिकायतकर्ताओं को फोन करना चाहिए और उन्हें सूचित करना चाहिए कि उन्होंने अज्ञात शव बरामद किए हैं और उन्हें पहचान के लिए बुलाया है। सुनवाई के दौरान, पुलिस ने कोर्ट को बताया कि डीएनए नमूनों और अन्य निर्देशों के संरक्षण के संबंध में पहले के आदेशों का भी अनुपालन किया गया है।

'वेबसाइट पर डाला जाए  ब्यौरा'

पीठ ने पहले भी दिल्ली पुलिस को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दिल्ली में हिंसा के बाद सरकारी मोर्चरी में रखे गए सभी अज्ञात शवों की तस्वीरों सहित विवरण प्रकाशित करने के लिए कहा था। पीठ हमजा नाम के एक व्यक्ति सहित लापता लोगों से संबंधित विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। हमजा के बहनोई अंसारी मोहम्मद आरिफ ने राष्ट्रीय राजधानी में हाल ही में हिंसा के दौरान लापता होने के बाद हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। दिल्ली सरकार ने कोर्ट को आश्वासन दिया है कि वह याचिकाकर्ता को अस्पताल के शवों को देखने की सुविधा प्रदान करेगी।

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